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#आध्यात्मिक दृष्टिकोण #आध्यात्मिक रचना #मेरी हृदय मेरी माँ
आध्यात्मिक दृष्टिकोण - पिता का दूसरा पुरुष पुत्र है पिता और पुत्र दूसरा प्रथम पुरुष है क्योंकि पिता से ही पुत्र का निर्माण होता है पिता वो दिलीप होते है जिन्हें बड़ा दिलवाला पराक्रमी रक्षक साहसी शक्तिशाली धर्मनिष्ठ चेहरे का प्रकाश संरक्षक और जींवनं का का प्रकाश है सूर्य चमकता हुआ जो आसमान और पृथ्वी जैसे जीवन का संरक्षण करते है! पिता का दूसरा पुरुष पुत्र है पिता और पुत्र दूसरा प्रथम पुरुष है क्योंकि पिता से ही पुत्र का निर्माण होता है पिता वो दिलीप होते है जिन्हें बड़ा दिलवाला पराक्रमी रक्षक साहसी शक्तिशाली धर्मनिष्ठ चेहरे का प्रकाश संरक्षक और जींवनं का का प्रकाश है सूर्य चमकता हुआ जो आसमान और पृथ्वी जैसे जीवन का संरक्षण करते है! - ShareChat