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#santrampalji #sadhsangativideo
santrampalji #sadhsangativideo - ٥a अध्याय 4 का श्लोक ३४ तत् विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया  उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानम् ज्ञानिनः तत्त्वदर्शिनः। ।३४। | 33 अनुवादः पवित्र गीता बोलने वाला प्रभु कह रहा है कि उपरोक्त नाना प्रकार की साधना तो मनमाना आचरण है। मेरे तक की साधना की अटकल लगाया ज्ञान है परन्तु पूर्ण परमात्मा के पूर्ण मोक्ष मार्ग का मुझे भी ज्ञान  नहीं है। उसके लिए इस मंत्र ३४ में कहा है कि उस परमात्मा के (तत्) तत्वज्ञान को (विद्धि) समझ उन पूर्ण " वास्तविक ज्ञान व समाधान को जानने वाले संतों को गीता अध्याय 4 श्लोक ३४ में गीता (प्रणिपातेन) भलीभाँति दण्डवत् प्रणाम करनेसे उनकी ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान छोड़कर (परिप्रश्नेन ) (सेवया) सेवा करनेसे और कपट सरलतापूर्वक प्रश्न करनेसे (ते) वे (तत्वदर्शिनः) पूर्ण ब्रह्म लिए ক্রী সাদি ক तत्वदर्शी संत की को तत्व से जानने वाले अर्थात् तत्वदर्शी (ज्ञानिनः) ज्ञानी यानि बिना गुरु के शरण में जाओ महात्मा तुझे उस ( ज्ञानम्) तत्वज्ञानका (उपदेक्ष्यन्ति) उपदेश करेंगे। (३४) इसी का प्रमाण गीता अध्याय 2 ज्ञान और भक्ति अधूरी है। श्लोक १५ १६ में भी है। तत्वदर्शी : संत, सतगुर रामपाल जी मठाराज Sant Rampal Ji Maharaj संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj ব নিঃথুল্ক  App Download கிரப নি:থুল্ক  नामदीक्षा     संपर्क सूत्र : @@SaintRampalJiMaharal +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये Coo   Ply 2.27M subscribers T7K videos ٥a अध्याय 4 का श्लोक ३४ तत् विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया  उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानम् ज्ञानिनः तत्त्वदर्शिनः। ।३४। | 33 अनुवादः पवित्र गीता बोलने वाला प्रभु कह रहा है कि उपरोक्त नाना प्रकार की साधना तो मनमाना आचरण है। मेरे तक की साधना की अटकल लगाया ज्ञान है परन्तु पूर्ण परमात्मा के पूर्ण मोक्ष मार्ग का मुझे भी ज्ञान  नहीं है। उसके लिए इस मंत्र ३४ में कहा है कि उस परमात्मा के (तत्) तत्वज्ञान को (विद्धि) समझ उन पूर्ण " वास्तविक ज्ञान व समाधान को जानने वाले संतों को गीता अध्याय 4 श्लोक ३४ में गीता (प्रणिपातेन) भलीभाँति दण्डवत् प्रणाम करनेसे उनकी ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान छोड़कर (परिप्रश्नेन ) (सेवया) सेवा करनेसे और कपट सरलतापूर्वक प्रश्न करनेसे (ते) वे (तत्वदर्शिनः) पूर्ण ब्रह्म लिए ক্রী সাদি ক तत्वदर्शी संत की को तत्व से जानने वाले अर्थात् तत्वदर्शी (ज्ञानिनः) ज्ञानी यानि बिना गुरु के शरण में जाओ महात्मा तुझे उस ( ज्ञानम्) तत्वज्ञानका (उपदेक्ष्यन्ति) उपदेश करेंगे। (३४) इसी का प्रमाण गीता अध्याय 2 ज्ञान और भक्ति अधूरी है। श्लोक १५ १६ में भी है। तत्वदर्शी : संत, सतगुर रामपाल जी मठाराज Sant Rampal Ji Maharaj संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj ব নিঃথুল্ক  App Download கிரப নি:থুল্ক  नामदीक्षा     संपर्क सूत्र : @@SaintRampalJiMaharal +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये Coo   Ply 2.27M subscribers T7K videos - ShareChat