ShareChat
click to see wallet page
search
#स्त्री जीवन #हृदयस्पर्शी #प्रेम #सत्य
स्त्री जीवन - নী বুস ৪ী अगर मैं हो जाऊँ, तो रो दोगे... इसीलिए अब. ೦೦೦೦ मैं बदल नहीं रही, ख़त्म हो रही हूँ॰॰ धीरे धीरे. इतने सालों का वनवास काटा है, ज़िंदगी यूँ ही गुजरी है रोते रोते.. अब समझ आया कि सोने के हिरण" नहीं हुआ करते...!!! নী বুস ৪ী अगर मैं हो जाऊँ, तो रो दोगे... इसीलिए अब. ೦೦೦೦ मैं बदल नहीं रही, ख़त्म हो रही हूँ॰॰ धीरे धीरे. इतने सालों का वनवास काटा है, ज़िंदगी यूँ ही गुजरी है रोते रोते.. अब समझ आया कि सोने के हिरण" नहीं हुआ करते...!!! - ShareChat