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गाणी - रोज़ शाम आती थी॰ मगर ऐसी नाथी रोज़ रोज घटा छाती थी॰ मगर ऐसी ना थी रोज़ शाम आती थी॰ मृगर ऐसी ना थी रोज़ रोज़ घटा छाती थी॰ मगर ऐसी ना थी ये आज मेरी जिंदगी में कौन आ गया रोज़ शाम आती थी॰ मगर ऐसी ना थी रोज़ रोज़ घटा छाती थी॰  मगर ऐसी ना थी.॰. में ये किसका हाथ करे इशारे बुलाए मुझे ~కెIనే] ; डाली में ये किसका हाथ करे इशारे बुलाए मुझे चंचल हवा छू के तन गुदगुदाए मुझे झूमती हौले हौले , धीरे ्धीरे कोई गीत मुझको सुनाए प्रीत मन में जगाए खुली आँख fergig सपने दिखाए, दिखाए दिखाए खुली आँख सपने दिखाए ये आज मेरी जिंदगी में कौन आ गया रोज शान आरती थी॰ मगर ऐसीं नाथी रोज रोज घटा छाती थी ॰ मगर ऐसी ना थी॰॰ अरमानों का खगा है जहाँ पलकें उठाती हूँ मैं अरमानों का रंग है जहाँ पलकें उठाती हूँ मैं हॅँस हँस के है देखती , जो भी मूरत बनाती हूँ मैं जिस ओर भी जाती हूँ मै जैसे कोई मोहे छेडे डगमगाती हूँ मैं॰ दीवानी हुई जाती हूँ मैं दीवानी दीवानी दीवानी, दीवानी हुई जाती हूँ मै आज मेरी ज़िदग़ी में कौन आगया रोज़ शाम आती थी. मगर ऐसी नाथी रोज रोज घटा छाती थी॰ मगर ऐसी ना थी॰॰॰ मगर ऐसी नाःथी॰ मगर ऐसी ना थी॰॰. Movie इम्तिहान (१9७४) Lyrcs By मजरूह सुल्तानपुरी Fditing By उमेश मोतीरामाणी Perormed By लता मंगेशकर Music By लक्ष्मीकांत प्यारेलाल रोज़ शाम आती थी॰ मगर ऐसी नाथी रोज़ रोज घटा छाती थी॰ मगर ऐसी ना थी रोज़ शाम आती थी॰ मृगर ऐसी ना थी रोज़ रोज़ घटा छाती थी॰ मगर ऐसी ना थी ये आज मेरी जिंदगी में कौन आ गया रोज़ शाम आती थी॰ मगर ऐसी ना थी रोज़ रोज़ घटा छाती थी॰  मगर ऐसी ना थी.॰. में ये किसका हाथ करे इशारे बुलाए मुझे ~కెIనే] ; डाली में ये किसका हाथ करे इशारे बुलाए मुझे चंचल हवा छू के तन गुदगुदाए मुझे झूमती हौले हौले , धीरे ्धीरे कोई गीत मुझको सुनाए प्रीत मन में जगाए खुली आँख fergig सपने दिखाए, दिखाए दिखाए खुली आँख सपने दिखाए ये आज मेरी जिंदगी में कौन आ गया रोज शान आरती थी॰ मगर ऐसीं नाथी रोज रोज घटा छाती थी ॰ मगर ऐसी ना थी॰॰ अरमानों का खगा है जहाँ पलकें उठाती हूँ मैं अरमानों का रंग है जहाँ पलकें उठाती हूँ मैं हॅँस हँस के है देखती , जो भी मूरत बनाती हूँ मैं जिस ओर भी जाती हूँ मै जैसे कोई मोहे छेडे डगमगाती हूँ मैं॰ दीवानी हुई जाती हूँ मैं दीवानी दीवानी दीवानी, दीवानी हुई जाती हूँ मै आज मेरी ज़िदग़ी में कौन आगया रोज़ शाम आती थी. मगर ऐसी नाथी रोज रोज घटा छाती थी॰ मगर ऐसी ना थी॰॰॰ मगर ऐसी नाःथी॰ मगर ऐसी ना थी॰॰. Movie इम्तिहान (१9७४) Lyrcs By मजरूह सुल्तानपुरी Fditing By उमेश मोतीरामाणी Perormed By लता मंगेशकर Music By लक्ष्मीकांत प्यारेलाल - ShareChat