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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - वो दिन भी थे स्याह स्याह , पर क़दम तो थे राह राह, मन में था चाह चाह, बुरे वक्त में भी क़दम बढ़ते गये, मंजिल तो दूर थी पर फासले घटते गये। रास्ते सुनसान थे, लोग भी अंजान थे, सबकी अपनी गाथा और सभी परेशान थे, लड़कर कठिनाइयों से आगे चलते गये, मंजिल तो दूर थी पर फासले घटते गये। वो दिन भी थे स्याह स्याह , पर क़दम तो थे राह राह, मन में था चाह चाह, बुरे वक्त में भी क़दम बढ़ते गये, मंजिल तो दूर थी पर फासले घटते गये। रास्ते सुनसान थे, लोग भी अंजान थे, सबकी अपनी गाथा और सभी परेशान थे, लड़कर कठिनाइयों से आगे चलते गये, मंजिल तो दूर थी पर फासले घटते गये। - ShareChat