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#वैकुंठ चतुर्दशी
वैकुंठ चतुर्दशी - ೨ 6 6 6 Nov बैकुंठचतुर्दशी बैकुंठ चतुर्दशी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की तिथि को मनाई जाती है। यह चतुर्दशी | दोनों की संयुक्त पूजा के लिए विशेष माना जाता f' और भगवान शिव दिन भगवान है। पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने काशी में आकर भगवान शिव की आराधना की थी। इस दिन व्रत, गंगा स्नान, दीपदान और तुलसी पूजन का बड़ा महत्व होता है। भक्तजन रात्रि में दीप जलाकर "३२ नमो नारायणाय " और "३ँ नमः शिवाय " मंत्रों का जप करते हैं। माना जाता है कि इस व्रत से भक्त को बैकुंठ धाम ' प्राप्ति होती है और जीवन के सारे दुःख दूर हो जाते हैं। ೨ 6 6 6 Nov बैकुंठचतुर्दशी बैकुंठ चतुर्दशी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की तिथि को मनाई जाती है। यह चतुर्दशी | दोनों की संयुक्त पूजा के लिए विशेष माना जाता f' और भगवान शिव दिन भगवान है। पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने काशी में आकर भगवान शिव की आराधना की थी। इस दिन व्रत, गंगा स्नान, दीपदान और तुलसी पूजन का बड़ा महत्व होता है। भक्तजन रात्रि में दीप जलाकर "३२ नमो नारायणाय " और "३ँ नमः शिवाय " मंत्रों का जप करते हैं। माना जाता है कि इस व्रत से भक्त को बैकुंठ धाम ' प्राप्ति होती है और जीवन के सारे दुःख दूर हो जाते हैं। - ShareChat