महिला समानता दिवस हर साल 26 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के समान अधिकारों, उनकी उपलब्धियों और लैंगिक समानता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मान्यता देने के लिए समर्पित है।
इतिहास
इस दिन को मनाने की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी। इसका ऐतिहासिक महत्व 26 अगस्त, 1920 से जुड़ा है, जब अमेरिकी संविधान में 19वें संशोधन को लागू किया गया था। इस संशोधन ने अमेरिकी महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया, जो महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में एक बड़ी जीत थी।
साल 1971 में, अमेरिकी कांग्रेस ने इस ऐतिहासिक घटना की याद में 26 अगस्त को आधिकारिक तौर पर महिला समानता दिवस के रूप में घोषित किया। तब से यह दिन दुनिया भर में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
महत्व
यह दिवस हमें याद दिलाता है कि भले ही महिलाओं ने कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, फिर भी लैंगिक असमानता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। महिला समानता दिवस का उद्देश्य है:
महिलाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
लैंगिक भेदभाव, वेतन में अंतर और समाज में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना।
महिलाओं के संघर्षों और उनकी उपलब्धियों को सम्मान देना।
भविष्य में लैंगिक रूप से समान समाज बनाने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करना।
यह दिन सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाएं जीवन के हर क्षेत्र में पुरुषों के समान अवसर और अधिकार प्राप्त कर सकें। #महिला समानता दिवस #🗞️26 अगस्त के अपडेट 🔴 #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #aaj ki taaja khabar #🗞breaking news🗞


