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#har har mahadev ji #Radhe Radhe
har har mahadev ji - तूलसी माता की कहानी harechau लिक्षमीनासायणा नोगल कार्तिक   महीने   में एक   बुढ़िया   माई सीजी को सींचती और कहती- हे বুলমী सत की दाता मैं तेरा बिडला सीचती हूँ గౌ ने बढु दे॰ पीताम्बर की धोती दे॰ मीठा मीठा स दे॰ बैकुंठा में वास दे॰ चटक की चाल दे क की मोत दे॰ चंदन का काठ दे॰ रानी सा राज दाल भात का भोजन दे ग्यारस की मोत दे सुनकर सूखने लग जी का कन्धा दे।" तब तुलसी माता यह SUT तुम क्यों सूख रही हो ?" वान ने पूछा- हे तुलसी तुलसी कहा -" एक बुढ़िया रोज आती है और यही बात कह जाती  तो पूरा कर दूँगी लेकिन कृष्ण का कन्था कहॉँ से लाऊँ Tala भगवान बोले-" जब वो मरेगी तो र्मैं अपने आप कंथा दे आ्उँ बुढ़िया माई से कह देना। " बुढिया माई मर ग्ई। सब लोग आ गये। जब माई व जव ने लगे तो वह किसी से न उठी। तब भगवान एक बारह बरस लक का रूप थारण करके आये।  बालक ने कहा-में कान में बालक ने कान में त कहूँगा तो बुढ़िया माई उठ जाएगी। ढ़ेया माई मन की निकाल ले॰ पीताम्बर की धोती ले मीठा य स ले॰ बेकुंठा का वास ले चटक की चल ले पटक की मोत माई हल्की हो ष्णजी का कन्था ले यह सुनकर बुढ़िया ।वान ने कन्था दिया और बुढ़िया माई को मुक्ति मिल गई। जैसे बुढ़िया माई को मुक्ति दी बैसे सन तुलसी 6 माता 0 जय श्री हरि" "जय तूलसी माता की कहानी harechau लिक्षमीनासायणा नोगल कार्तिक   महीने   में एक   बुढ़िया   माई सीजी को सींचती और कहती- हे বুলমী सत की दाता मैं तेरा बिडला सीचती हूँ గౌ ने बढु दे॰ पीताम्बर की धोती दे॰ मीठा मीठा स दे॰ बैकुंठा में वास दे॰ चटक की चाल दे क की मोत दे॰ चंदन का काठ दे॰ रानी सा राज दाल भात का भोजन दे ग्यारस की मोत दे सुनकर सूखने लग जी का कन्धा दे।" तब तुलसी माता यह SUT तुम क्यों सूख रही हो ?" वान ने पूछा- हे तुलसी तुलसी कहा -" एक बुढ़िया रोज आती है और यही बात कह जाती  तो पूरा कर दूँगी लेकिन कृष्ण का कन्था कहॉँ से लाऊँ Tala भगवान बोले-" जब वो मरेगी तो र्मैं अपने आप कंथा दे आ्उँ बुढ़िया माई से कह देना। " बुढिया माई मर ग्ई। सब लोग आ गये। जब माई व जव ने लगे तो वह किसी से न उठी। तब भगवान एक बारह बरस लक का रूप थारण करके आये।  बालक ने कहा-में कान में बालक ने कान में त कहूँगा तो बुढ़िया माई उठ जाएगी। ढ़ेया माई मन की निकाल ले॰ पीताम्बर की धोती ले मीठा य स ले॰ बेकुंठा का वास ले चटक की चल ले पटक की मोत माई हल्की हो ष्णजी का कन्था ले यह सुनकर बुढ़िया ।वान ने कन्था दिया और बुढ़िया माई को मुक्ति मिल गई। जैसे बुढ़िया माई को मुक्ति दी बैसे सन तुलसी 6 माता 0 जय श्री हरि" "जय - ShareChat