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महादेवी वर्मा — हिन्दी की वह प्रख्यात कवयित्री और समाज-सुधारक जिनकी लेखनी ने शब्दों के ज़रिए भावनात्मक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी जगाई; महादेवी वर्मा (26 मार्च 1907 – 11 सितम्बर 1987) आधुनिक हिन्दी साहित्य की एक चमकती हस्ती रहीं। वे छायावाद के चार स्तंभों में गिनी जाती हैं और उनके काव्य ने मानवीय और आध्यात्मिक अनुभवों को नया आयाम दिया। उनके सबसे विख्यात संग्रहों में से 'यामा' को विशेष स्थान मिला और इसी लेखन के लिये उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एक पंक्ति जो भीतर तक झकझोर दे: "तत्व सत्यमय, सत्य शिवमय और शिव सौन्दर्यमय होकर मुखर हो उठा" — यह उनके रचनात्मक प्रयाण की आत्मा है। तर्कात्मक विश्लेषण: साहित्य और समाजशास्त्रीय दृष्टि से देखें तो उनकी संवेदनशील भाषा पाठक में सहानुभूति और आत्म-परीक्षण को प्रेरित करती है; जब उन्होंने शिक्षा और संस्थागत काम (जैसे प्रयाग महिला विद्यापीठ में योगदान) को साथ रखा, तो विचारों का व्यवहारिक रूपांतरण संभव हुआ — इसलिए उनका योगदान केवल काव्य तक सीमित नहीं रहा बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी वास्तविक कारण बना। धर्म और नैतिकता के मामले में वे बौद्ध-दर्शन और गांधीवादी सेवा-भाव से प्रेरित रहीं; उन्होंने अंधविश्वासों का समर्थन नहीं किया और मानवतावादी मूल्यों को महत्व दिया — यह आधुनिक, तार्किक और नैतिक रूप से योग्य है। #महादेवीवर्मा #यामा #छायावाद #HindiLiterature #नारीशक्ति #ज्ञानपीठ 🕯️📚✨ @महादेव गायकवाड @हर हर महादेव हर हर महादेव @#महादेव 💔😭 @ संजय महादेव शिलेदार @महेश महादेव अवेरे #महादेवी वर्मा जयंती #★ महादेवी वर्मा पुण्यतिथि #★ महादेवी वर्मा जयन्ती #महादेवी #★ महादेवी वर्मा जयन्ति
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