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#sandeep maheshwari
sandeep maheshwari - नदी का पानी मीठा होता है वयोंकि चो देती रहती है। सागर का पानी खारा होता है वयोंकि चो हमेशा वेता रहता है। देता है नाले का पानी हमेशा दुर्गंध  क्योंकि वो रूका हुआ होता है। यही जिंदगी है देते रहोगे तो सबको मीठे लगोगे। लेते रहोगे तो खारे लगोगे। और अगर रुक गये तो सबको बेकार लगोगे.. Cp( ahbu?  नदी का पानी मीठा होता है वयोंकि चो देती रहती है। सागर का पानी खारा होता है वयोंकि चो हमेशा वेता रहता है। देता है नाले का पानी हमेशा दुर्गंध  क्योंकि वो रूका हुआ होता है। यही जिंदगी है देते रहोगे तो सबको मीठे लगोगे। लेते रहोगे तो खारे लगोगे। और अगर रुक गये तो सबको बेकार लगोगे.. Cp( ahbu? - ShareChat