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#गुलज़ार साहब के शायरी #बेहतरीन शायरी और मेरी सोच #📖 कविता और कोट्स✒️
गुलज़ार साहब के शायरी - किसे सुनाओगे अपने गम के चंद पत्नों के किस्से दोस्तों; यहाँ तो दुखों से हर शख्स अपनी fag] भरी किताब बैठा 8, ( ( IIO किसे सुनाओगे अपने गम के चंद पत्नों के किस्से दोस्तों; यहाँ तो दुखों से हर शख्स अपनी fag] भरी किताब बैठा 8, ( ( IIO - ShareChat