#😴शुभ रात्री😴
🌹 पुराना कुछ भूलने के लिए
रोज़ कुछ नया, लिखना पड़ता ह
🌹 नज़र ना आ जायें बेचैनियां किसी को
इसलिए कल से थोड़ा बेहतर, दिखना पड़ता है,🌹
🌹 गलती से भी किसी को तकलीफ ना दें दूं कहीं
इसलिए कभी कभी बेवजह भी, झुकना पड़ता है🌹
🌹 दिल का बोझ जुबान पर ना आ जाए
इसलिए रोज़ थोड़ा थोड़ा, टूटना पड़ता है,🌹
🌹 जो सपने चाह कर भी हासिल ना हो सके
उनकी याद में रोज़ थोड़ा थोड़ा, मिटना पड़ता है 🌹

