ShareChat
click to see wallet page
search
#राधा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं #राधा अष्टमी की शुभकामनाएं
राधा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं - ా 5 সীহাতাতী ক্ধা তন্স की भाद्रपदमास अष्टमी की कृष्णपक्ष 'श्रीकृष्णजन्माष्टमी और भाद्रपदमास की शुक्लपक्ष की अष्टमी ' श्रीराधाष्टमी के नाम से जानी जाती है। ननिहाल  श्रीराधा రెగT रावलग्राम में था। रक्षाबंधन के पर्व पर श्रीराधा की गर्भवती मां कीर्तिरानी अपने भाई को राखी बांधने आईं। राधाष्टमी के एक दिन पहले बरसाने के राजा वृषभानुजी अपनी पत्नी को लिवाने आए। प्रातः यमुनास्नान करते समय भगवान की लीला से कीर्तिरानी के गर्भ का तेज निकलकर यमुना किनारे बढ़ने लगा और यमुनाजी के जल में नवविकसित कमल के केसर के मध्य एक परम सुन्दरी बालिका में परिणत हो गया।  वृषभानुजी उस बालिका को अपने साथ ले आए और अपनी पत्नी को लेकर बरसाना आ गए। बरसाने में खबर फैल गई कि कीर्तिदा ने एक सुन्दर वृषभानुभवन में वेदपाठ  बालिका को जन्म दिया है। 3PT हो गया, राजद्वार पर मंगल ्कलश सजाए गए। शहनाई नौबत भेरी, नगाड़े बजने लगे।  श्रीराधा के जन्म का समाचार सुनकर व्रजवासी जामा, पीताम्बरी पटका पहनकर सिरपर दूध दही और माखन से भरी मटकियाँ लेकर गाते बजाते वृषभानुभवन श्रीजी की चरण सेवा  ా 5 সীহাতাতী ক্ধা তন্স की भाद्रपदमास अष्टमी की कृष्णपक्ष 'श्रीकृष्णजन्माष्टमी और भाद्रपदमास की शुक्लपक्ष की अष्टमी ' श्रीराधाष्टमी के नाम से जानी जाती है। ननिहाल  श्रीराधा రెగT रावलग्राम में था। रक्षाबंधन के पर्व पर श्रीराधा की गर्भवती मां कीर्तिरानी अपने भाई को राखी बांधने आईं। राधाष्टमी के एक दिन पहले बरसाने के राजा वृषभानुजी अपनी पत्नी को लिवाने आए। प्रातः यमुनास्नान करते समय भगवान की लीला से कीर्तिरानी के गर्भ का तेज निकलकर यमुना किनारे बढ़ने लगा और यमुनाजी के जल में नवविकसित कमल के केसर के मध्य एक परम सुन्दरी बालिका में परिणत हो गया।  वृषभानुजी उस बालिका को अपने साथ ले आए और अपनी पत्नी को लेकर बरसाना आ गए। बरसाने में खबर फैल गई कि कीर्तिदा ने एक सुन्दर वृषभानुभवन में वेदपाठ  बालिका को जन्म दिया है। 3PT हो गया, राजद्वार पर मंगल ्कलश सजाए गए। शहनाई नौबत भेरी, नगाड़े बजने लगे।  श्रीराधा के जन्म का समाचार सुनकर व्रजवासी जामा, पीताम्बरी पटका पहनकर सिरपर दूध दही और माखन से भरी मटकियाँ लेकर गाते बजाते वृषभानुभवन श्रीजी की चरण सेवा - ShareChat