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#ધર્મ અને અધ્યાત્મ
ધર્મ અને અધ્યાત્મ - ध्यान कैसे धरें हैं की ध्यान धरते समय आंखे बंध करना चाहिए कई लोग মপভান  ٤١ घरना अर्थात आंखो को बंध करना नहीं , परंतु बंध आंखो को खोलने की जिस प्रकार हम खुली आंखों से अपनों को याद करते हैं , ठीक विधि है वैसे ही परमात्मा को याद करने के लिए आंखों को बंध करने की परमात्मा को याद करना ही ध्यान धरना है ।जो आवश्यकता नहीं परमात्मा का प्रतिदिन ध्यान धरते हैं उनका ध्यान स्वयं परमात्मा रखते हैं ध्यान कैसे धरें हैं की ध्यान धरते समय आंखे बंध करना चाहिए कई लोग মপভান  ٤١ घरना अर्थात आंखो को बंध करना नहीं , परंतु बंध आंखो को खोलने की जिस प्रकार हम खुली आंखों से अपनों को याद करते हैं , ठीक विधि है वैसे ही परमात्मा को याद करने के लिए आंखों को बंध करने की परमात्मा को याद करना ही ध्यान धरना है ।जो आवश्यकता नहीं परमात्मा का प्रतिदिन ध्यान धरते हैं उनका ध्यान स्वयं परमात्मा रखते हैं - ShareChat