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#गुलज़ार साहब की शायरी #गुलज़ार साहब 📝 #गुलज़ार साहब के शायरी
गुलज़ार साहब की शायरी - आओ फिर नज्म कहें Gulzar ji आओ फिर नज़्म कहें ....!! Anu फिर किसी दर्द को ....!! Jadrn आँखें सुजा ले सहलाकर .!! हुई राह पे मुड़कर एक बार যা কিমী भूली नाम लेकर किसी हमनाम को आवाज़ ही दें लें आओ फिर नज्म कहें Gulzar ji आओ फिर नज़्म कहें ....!! Anu फिर किसी दर्द को ....!! Jadrn आँखें सुजा ले सहलाकर .!! हुई राह पे मुड़कर एक बार যা কিমী भूली नाम लेकर किसी हमनाम को आवाज़ ही दें लें - ShareChat