ShareChat
click to see wallet page
search
#जितिया पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं #जितिया #जीवित्पुत्रिका व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं #🌹 जीवित्पुत्रिका व्रत🌹 #जीवित्पुत्रिका
जितिया पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं - सनातन धर्म से जुड़ी खास बातें जितिया व्रत २०२५मुहुर्त सिनातन धर्म मेंजीवित्पुत्रिकांव्रत एकमहत्वपूर्ण व्रतहै जिसे विशेष रूप से माताा शुरुआत अपनेबच्चोंकीलबीउम्रऔरसुखीजीवन १४ सितंबर को सुवह ०५ बजकर ०४ मिनट पर किलिए करती है। इसे खासकर आश्विनमाह केकृष्णपक्षकी अष्टमी तिथि को मनाने की परंपरा है। Gमापन 15 arni unoauumnzos ೊccv जितियाविढ प्रज्चाविधि १४ सितंबर मातृत्व के पावन पर्व करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। १ स्नान करके साफचिस्त धारण जितिया २ फिर मंदिर की सफाई करके उसमें गंगाजल का छिड़काव करें। जीमूतवाहन की ३. चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान प्रतिमा को विराजमान करें। जीमूतवाहन की आरती करें। ४. देसी घी का दीपक जलाकर भगवान থ@ ५ व्रत कथा का पाठ करें और मंत्रों काजप करें। ६. फल और मिठाईकाभोग लगाएं तथा संतान की लंबी उम्र की सभी माताओंको हार्दिक बधाई की कामना करें। एवं शुभकामनाएं सनातन धर्म से जुड़ी खास बातें जितिया व्रत २०२५मुहुर्त सिनातन धर्म मेंजीवित्पुत्रिकांव्रत एकमहत्वपूर्ण व्रतहै जिसे विशेष रूप से माताा शुरुआत अपनेबच्चोंकीलबीउम्रऔरसुखीजीवन १४ सितंबर को सुवह ०५ बजकर ०४ मिनट पर किलिए करती है। इसे खासकर आश्विनमाह केकृष्णपक्षकी अष्टमी तिथि को मनाने की परंपरा है। Gमापन 15 arni unoauumnzos ೊccv जितियाविढ प्रज्चाविधि १४ सितंबर मातृत्व के पावन पर्व करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। १ स्नान करके साफचिस्त धारण जितिया २ फिर मंदिर की सफाई करके उसमें गंगाजल का छिड़काव करें। जीमूतवाहन की ३. चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान प्रतिमा को विराजमान करें। जीमूतवाहन की आरती करें। ४. देसी घी का दीपक जलाकर भगवान থ@ ५ व्रत कथा का पाठ करें और मंत्रों काजप करें। ६. फल और मिठाईकाभोग लगाएं तथा संतान की लंबी उम्र की सभी माताओंको हार्दिक बधाई की कामना करें। एवं शुभकामनाएं - ShareChat