ShareChat
click to see wallet page
search
#*let us understand our religion #Life of Muhammad ﷺ #ऐसा भी होता है #Islam and We #આવું પણ બને છે
*let us understand our religion - লিৎ जहन्नम के दो दरवाज़े खुले मिलते हैं। यदि केवल एक माता-पिता লিৎ जीवित है तो उसके एक दरवाज़ा खुला मिलता है।॰ फिर एक व्यक्ति ने पूछा, "ऐ अल्लाह के रसूल! यदि माता-पिता उसका बुरा व्यवहार करें तो क्या तब भी उसकी सेवा करनी चाहिए?" रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहाः "हाँ, भले ही वे बुरा व्यवहार करें। हाँ, भले ही वे बुरा व्यवहार कर्रे!" सच में (मिश्कात) ये हदीसें बताती हैं कि माता-पिता का हक कितना बड़ा है और उनके साथ भले ही वे कठोर व्यवहार करें फिर भी उनके साथ अच्छे व्यवहार, सेवा और आदर का महत्व है। चाहें वे अच्छे हों या बुरे, उनका हक अदा करना एक महान इबादत है। লিৎ जहन्नम के दो दरवाज़े खुले मिलते हैं। यदि केवल एक माता-पिता লিৎ जीवित है तो उसके एक दरवाज़ा खुला मिलता है।॰ फिर एक व्यक्ति ने पूछा, "ऐ अल्लाह के रसूल! यदि माता-पिता उसका बुरा व्यवहार करें तो क्या तब भी उसकी सेवा करनी चाहिए?" रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहाः "हाँ, भले ही वे बुरा व्यवहार करें। हाँ, भले ही वे बुरा व्यवहार कर्रे!" सच में (मिश्कात) ये हदीसें बताती हैं कि माता-पिता का हक कितना बड़ा है और उनके साथ भले ही वे कठोर व्यवहार करें फिर भी उनके साथ अच्छे व्यवहार, सेवा और आदर का महत्व है। चाहें वे अच्छे हों या बुरे, उनका हक अदा करना एक महान इबादत है। - ShareChat