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मौसम का मिज़ाज अब भी वही सुहाना है, बस हाथ में तेरा हाथ नहीं, ये फ़साना है। वो चार कदम की दूरी, आज भी याद आती है, जैसे कोई अधूरी ग़ज़ल गुनगुनानी है...!!! ✨❤️ #💝 शायराना इश्क़ #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #💞Heart touching शायरी✍️ ##️⃣DilShayarana💘 #💔ब्रेकअप शायरी✍