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जैसलमेर से जोधपुर जा रही AC बस में लगी भीषण आग 20 लोग जिंदा जले, भगवान मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी को सहने की क्षमता प्रदान करें 🙏😔 ॐ शांति ##राष्ट्रीय युवा भारत मोर्चा #राष्ट्रीय युवा भारत मोर्चा
#राष्ट्रीय युवा भारत मोर्चा - ४ने कूदकर जान बचाई" ४० यात्री सवार थे, बडा हदसा. ३:१५ बजे दोपहर जैसलमेर से जोधपुर ঠ লিত নিকলী 3:25 নযী 12 fa आग लगी राजस्थानः चलती एसी बस में आग, डिग्गी में पटाखों से फैल गई, २० जिंदा जले, १६ সুলম हाईवे पर मंगलवार दोपहर चलती एसी  जोधपुर " जैसलमेर | जैसलमेर- एक्सप्ट HR-9 स्लोपर बस में आग लग गई। बस में ४० यात्री सबार थे। २० जिंदा इमरजेंसी गेट नहीं था ४ ने कूदकर जान बचाई। बस जैसलमेर से जल गए। १६ झुलस गए। दोपहर ३ः१५ बजे जोधपुर के लिए निकली थी। १२ किमी दूर थईयात हादसे में कंपनियों को लापरवाही सामने आई। गांव के पास पिछले हिस्से में आग लगी। बस रुकती, उससे पहले बस में इमरजेंसी गेट नहीं थे, खिड़कियों के ही यात्री कूदने लगे। सबसे बड़ी लापरवाही यह रहो कि आग के बाद  गेट लॉंक हो गया। अंदर लोग जलते रहे और बाहर लोग बेबस खड़े शीशे खोले नहीं जा सकते थे। एसी केबिन रहे। बस को डिग्गी में पटाखे रखे थे॰ जिससे आग तेजो से फैली।  का गेट औटोमैटिक बंद रहता था। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल पहुंचे १६ लोग ७०%  समय बस ६० ७० किमी की रपतार पर थी।  फ्लाई, फोम व कपड़े की सीटों की वजह से झुलस चुके थे। आग पर काबू पाया गया तो बस का ऊपरो हिस्सा  आग मिनटों में फैल गई। इन बसों में कम से खाक हो चुका था। सोटों में सिर्फ लोहा बचा था। प्रथमदृष्टया एसो में शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है। घटनास्थल के पास ही दो इमरजेंसो गेट अनिवार्य करना चाहिए।  कम -नवलकिशोर जाटोल , सेवानिवृत्त जिला  मिलिट्रो स्टेशन है। लपटें देखकर जवान पहुंचे और यात्रियों को अस्पताल भेजा गया। बस का रजिस्ट्रेशन अक्टूबर में हुआ था। পনেন 3ণিক্ায  ४ने कूदकर जान बचाई" ४० यात्री सवार थे, बडा हदसा. ३:१५ बजे दोपहर जैसलमेर से जोधपुर ঠ লিত নিকলী 3:25 নযী 12 fa आग लगी राजस्थानः चलती एसी बस में आग, डिग्गी में पटाखों से फैल गई, २० जिंदा जले, १६ সুলম हाईवे पर मंगलवार दोपहर चलती एसी  जोधपुर " जैसलमेर | जैसलमेर- एक्सप्ट HR-9 स्लोपर बस में आग लग गई। बस में ४० यात्री सबार थे। २० जिंदा इमरजेंसी गेट नहीं था ४ ने कूदकर जान बचाई। बस जैसलमेर से जल गए। १६ झुलस गए। दोपहर ३ः१५ बजे जोधपुर के लिए निकली थी। १२ किमी दूर थईयात हादसे में कंपनियों को लापरवाही सामने आई। गांव के पास पिछले हिस्से में आग लगी। बस रुकती, उससे पहले बस में इमरजेंसी गेट नहीं थे, खिड़कियों के ही यात्री कूदने लगे। सबसे बड़ी लापरवाही यह रहो कि आग के बाद  गेट लॉंक हो गया। अंदर लोग जलते रहे और बाहर लोग बेबस खड़े शीशे खोले नहीं जा सकते थे। एसी केबिन रहे। बस को डिग्गी में पटाखे रखे थे॰ जिससे आग तेजो से फैली।  का गेट औटोमैटिक बंद रहता था। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल पहुंचे १६ लोग ७०%  समय बस ६० ७० किमी की रपतार पर थी।  फ्लाई, फोम व कपड़े की सीटों की वजह से झुलस चुके थे। आग पर काबू पाया गया तो बस का ऊपरो हिस्सा  आग मिनटों में फैल गई। इन बसों में कम से खाक हो चुका था। सोटों में सिर्फ लोहा बचा था। प्रथमदृष्टया एसो में शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है। घटनास्थल के पास ही दो इमरजेंसो गेट अनिवार्य करना चाहिए।  कम -नवलकिशोर जाटोल , सेवानिवृत्त जिला  मिलिट्रो स्टेशन है। लपटें देखकर जवान पहुंचे और यात्रियों को अस्पताल भेजा गया। बस का रजिस्ट्रेशन अक्टूबर में हुआ था। পনেন 3ণিক্ায - ShareChat