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#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - मन की बातें मन ही जाने। बुनता रहता ताने-बाने। । सुनता बिल्कुल नहीं हमारी। इसे पडोसन लगती प्यारी।| इसको मैं कैसे समझाऊँ। राम करो कुछ समझ न पाऊँ। । तेरी भक्ति में हूँ डूबा। दिलवा दो मुझको महबूबा। | মনীত मन की बातें मन ही जाने। बुनता रहता ताने-बाने। । सुनता बिल्कुल नहीं हमारी। इसे पडोसन लगती प्यारी।| इसको मैं कैसे समझाऊँ। राम करो कुछ समझ न पाऊँ। । तेरी भक्ति में हूँ डूबा। दिलवा दो मुझको महबूबा। | মনীত - ShareChat