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#☝रहीम की सीख🌟
☝रहीम की सीख🌟 - 0+ SIATUS रहीम के दोहे और अर्थः अन्तर दावा लगि रहै, ध्रुआं न प्रगटै सौय | कै जिय जानै आपना,  जा सिर बीती हाय । । अर्थः आग अन्तर में सुलग रही है॰ प्रकट नहीं हो धुआं पर उसका रहा है। जिसके सिर पर बीतती है॰ उसीका जी उस आग को जानता है| कोई उस आग का यानी दुरूख का मर्म समझ नहीं सकते | दूसरे 0+ SIATUS रहीम के दोहे और अर्थः अन्तर दावा लगि रहै, ध्रुआं न प्रगटै सौय | कै जिय जानै आपना,  जा सिर बीती हाय । । अर्थः आग अन्तर में सुलग रही है॰ प्रकट नहीं हो धुआं पर उसका रहा है। जिसके सिर पर बीतती है॰ उसीका जी उस आग को जानता है| कोई उस आग का यानी दुरूख का मर्म समझ नहीं सकते | दूसरे - ShareChat