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#सुबह की सुप्रभात
सुबह की सुप्रभात - ढ्ुष्ा रक्रि COOD NICHT fag' कुछ पाने के कुछ खोना पडता है, मुस्कुराने के लिए भी रोना पड़ता है, यूं ही नहीं होता सवेरा , सुबह होने के লিৎ' रात भर सोना पडता है। नरेंद्र कुमार ढ्ुष्ा रक्रि COOD NICHT fag' कुछ पाने के कुछ खोना पडता है, मुस्कुराने के लिए भी रोना पड़ता है, यूं ही नहीं होता सवेरा , सुबह होने के লিৎ' रात भर सोना पडता है। नरेंद्र कुमार - ShareChat