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#सोचने वाली बात #*let us understand our religion #Life of Muhammad ﷺ #Islam and We #*આપણે વિચારીશું ખરા?*
सोचने वाली बात - एक व्यक्ति ने रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर शिकायत की कि उसका पिता उससे अपनी इच्छा अनुसार धन ले लेता है। तब रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उस व्यक्ति के पिता को बुलवाया। एक बूढ़ा और कमजोर व्यक्ति लाठी के सहारे चला आया। जब रसूलुल्लाह ने उसके बेटे की में पूछा, तो बूढ़े ने शिकायत के बारे कहाः *ऐ अल्लाह के रसूल! एक समय ऐसा था जब मैं ताकतवर था और वह कमज़ोर और असहाय। मेरे पास धन था और वह खाली हाथ था। मैंने कभी उसे अपने किसी सामान को छूने से नहीं रोका। आज वह स्वस्थ मैं बूढ़ा और मजबूत है और और अशक्त हूँl अब उसके पास धन है और मैं खाली हाथ। वह अब मुझे अपने माल तक पहुँचने से रोक रहा 81" यह सुनकर रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु एक व्यक्ति ने रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर शिकायत की कि उसका पिता उससे अपनी इच्छा अनुसार धन ले लेता है। तब रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उस व्यक्ति के पिता को बुलवाया। एक बूढ़ा और कमजोर व्यक्ति लाठी के सहारे चला आया। जब रसूलुल्लाह ने उसके बेटे की में पूछा, तो बूढ़े ने शिकायत के बारे कहाः *ऐ अल्लाह के रसूल! एक समय ऐसा था जब मैं ताकतवर था और वह कमज़ोर और असहाय। मेरे पास धन था और वह खाली हाथ था। मैंने कभी उसे अपने किसी सामान को छूने से नहीं रोका। आज वह स्वस्थ मैं बूढ़ा और मजबूत है और और अशक्त हूँl अब उसके पास धन है और मैं खाली हाथ। वह अब मुझे अपने माल तक पहुँचने से रोक रहा 81" यह सुनकर रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु - ShareChat