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#♥Parmeshwar ka Vachan♥
♥Parmeshwar ka Vachan♥ - बाइबिल वचन (निर्गमन १६ः४) है कि परमेश्वर ' मूसा से आज का লিৎ' कहता है, "मैं तुम्हारे  स्वर्ग से भोजन बरसाऊंगा , और लोग प्रतिदिन बाहर जाकर अपना -अपना हिस्सा इकट्ठा करेंगे; इस तरह मैं उनकी परीक्षा करूंगा कि वे मेरी व्यवस्था पर चलते हैं या नहीं"। यह वचन परमेश्वर के अनुग्रह, प्रावधान और लोगों की परीक्षा लेने के तरीके को दिखाता है, जहाँ उन्हें हर दिन उनकी ज़रूरत के अनुसार भोजन मिलता था ताकि वे उसकी आज्ञा का पालन करें। वचन का अर्थः परमेश्वर का प्रावधानः यहोवा ने इस्राएलियों को जंगल में रहते हुए भोजन (मन्ना और बटेर) दिया। परीक्षाः परमेश्वर यह देखना चाहता था कि क्या इस्राएली हर दिन उसकी आज्ञा मानकर भोजन इकट्ठा करते हैं और शिकायत नहीं करते हैं। विश्वास और आज्ञाकारिताः यह दिखाता है कि परमेश्वर पर भरोसा रखना और उसकी आज्ञा मानना कितना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वह हमारी ज़रूरतों को पूरा कर रहा हो। यह वचन हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर हमारी देखभाल करता है और हमें उस पर भरोसा करना चाहिए, न कि शिकायत करनी चाहिए। बाइबिल वचन (निर्गमन १६ः४) है कि परमेश्वर ' मूसा से आज का লিৎ' कहता है, "मैं तुम्हारे  स्वर्ग से भोजन बरसाऊंगा , और लोग प्रतिदिन बाहर जाकर अपना -अपना हिस्सा इकट्ठा करेंगे; इस तरह मैं उनकी परीक्षा करूंगा कि वे मेरी व्यवस्था पर चलते हैं या नहीं"। यह वचन परमेश्वर के अनुग्रह, प्रावधान और लोगों की परीक्षा लेने के तरीके को दिखाता है, जहाँ उन्हें हर दिन उनकी ज़रूरत के अनुसार भोजन मिलता था ताकि वे उसकी आज्ञा का पालन करें। वचन का अर्थः परमेश्वर का प्रावधानः यहोवा ने इस्राएलियों को जंगल में रहते हुए भोजन (मन्ना और बटेर) दिया। परीक्षाः परमेश्वर यह देखना चाहता था कि क्या इस्राएली हर दिन उसकी आज्ञा मानकर भोजन इकट्ठा करते हैं और शिकायत नहीं करते हैं। विश्वास और आज्ञाकारिताः यह दिखाता है कि परमेश्वर पर भरोसा रखना और उसकी आज्ञा मानना कितना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वह हमारी ज़रूरतों को पूरा कर रहा हो। यह वचन हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर हमारी देखभाल करता है और हमें उस पर भरोसा करना चाहिए, न कि शिकायत करनी चाहिए। - ShareChat