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#गुलज़ार शायरी
गुलज़ार शायरी - खामोशी को समझने वाले अगर मिल जाए, तो दुख भी बया करने की जरूरत नहीं पड़ती . ७७० SILENT_word736 खामोशी को समझने वाले अगर मिल जाए, तो दुख भी बया करने की जरूरत नहीं पड़ती . ७७० SILENT_word736 - ShareChat