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#दर्दनाक #hadsha #मौत
दर्दनाक - सड़क किनारे खड़े 4 किशोरों रौँदा, को बस ने सभी की मौत बुझ गया घर का इकलौता चिराग गांव में कोहराम हादसे में जिन चार हरिभूमि न्यूज M सागर किशोरों की जान गई वे थे शिवम पिता मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली थाना रामचरण पाल (१८ ) क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने उनके भाई सत्यम वाला हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़े प्राशू ತ (17) সতান पिता खुमान पाल (१४) किशोरों को एक तेज रफ्तार निजी चार जो परिवार का खड़े होकर आपस में बात कर रहे थे। तभी बस ने कुचल दिया, जिससे चारों की इकलौता बेटा था और मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो सगे  सिमरिया से दमोह की ओर जा रही एक उमेश पिता चेतू पाल भाई, एक परिवार का इकलौता बेटा और निजी बस तेज रफ्तार से आई और सीधे (16) সী বী সসান্নযী নী एक नाबालिंग शामिल है। उन पर चढ़ गई। टक्कर तनी तेज थी कि छोटा था। एक ही मौजूद | हादसा इतना भयावह था कि युवक लोग कुछ समझ पाते, परिवार के इतने बच्चों आसपास कई फीट हवा में उछलकर दूर जाकर गिरे।  की मौत ने गांव में उससे पहले ही चारों बच्चे सड़क पर खून और पूरा " गहरा शोक फैला दिया  से लथपथ गिर चुके थे। स्थानीय लोग अनंतपुरा गांव पाल समाज गहर है। प्रशांत की एक मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत सदमे   में है। दरअसल, 46 हादसा छोटी बहन है जबकि अनंतपुरा गांव के पास उस समय हुआ, थी। के  चाचा  = সূনন্ী  चुकी शिवम और सत्यम की भगवानदास ने बताया कि चारों बच्चे भैंसों जब चारों बच्चे भैंसों को तलाश कर रहे रो रोकर बुरा  मांका थे।वे सड़क किनारे खडी बाइक के पास  की तलाश में निकले थे। हाल है। सड़क किनारे खड़े 4 किशोरों रौँदा, को बस ने सभी की मौत बुझ गया घर का इकलौता चिराग गांव में कोहराम हादसे में जिन चार हरिभूमि न्यूज M सागर किशोरों की जान गई वे थे शिवम पिता मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली थाना रामचरण पाल (१८ ) क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने उनके भाई सत्यम वाला हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़े प्राशू ತ (17) সতান पिता खुमान पाल (१४) किशोरों को एक तेज रफ्तार निजी चार जो परिवार का खड़े होकर आपस में बात कर रहे थे। तभी बस ने कुचल दिया, जिससे चारों की इकलौता बेटा था और मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो सगे  सिमरिया से दमोह की ओर जा रही एक उमेश पिता चेतू पाल भाई, एक परिवार का इकलौता बेटा और निजी बस तेज रफ्तार से आई और सीधे (16) সী বী সসান্নযী নী एक नाबालिंग शामिल है। उन पर चढ़ गई। टक्कर तनी तेज थी कि छोटा था। एक ही मौजूद | हादसा इतना भयावह था कि युवक लोग कुछ समझ पाते, परिवार के इतने बच्चों आसपास कई फीट हवा में उछलकर दूर जाकर गिरे।  की मौत ने गांव में उससे पहले ही चारों बच्चे सड़क पर खून और पूरा " गहरा शोक फैला दिया  से लथपथ गिर चुके थे। स्थानीय लोग अनंतपुरा गांव पाल समाज गहर है। प्रशांत की एक मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत सदमे   में है। दरअसल, 46 हादसा छोटी बहन है जबकि अनंतपुरा गांव के पास उस समय हुआ, थी। के  चाचा  = সূনন্ী  चुकी शिवम और सत्यम की भगवानदास ने बताया कि चारों बच्चे भैंसों जब चारों बच्चे भैंसों को तलाश कर रहे रो रोकर बुरा  मांका थे।वे सड़क किनारे खडी बाइक के पास  की तलाश में निकले थे। हाल है। - ShareChat