"#बीसायंत्र (Bissa Yantra)" एक अत्यंत प्रभावशाली और रहस्यमयी तांत्रिक यंत्र माना जाता है। यह मुख्यतः सुरक्षा (Raksha), विजय (Victory), #शत्रुनाश (Shatru Vinash), एवं भय निवारण के लिए प्रयोग होता है। तंत्रशास्त्र के अनुसार यह यंत्र “मां बगलामुखी, हनुमान जी और भगवान भैरव” की कृपा को आकर्षित करता है। इसे सही विधि से स्थापित और पूजित करने पर व्यक्ति चारों ओर से दिव्य सुरक्षा कवच से ढक जाता है।
✨ बीसा #यंत्र का महत्व
शत्रु बाधा नाशक – यह यंत्र शत्रुओं के षड्यंत्र को नष्ट करता है।
भूत-प्रेत, नजर दोष से रक्षा – नकारात्मक ऊर्जाएं पास नहीं आतीं।
#धन-व्यापार में वृद्धि – व्यापारिक हानि या रुकावट दूर करता है।
कानूनी विजय – कोर्ट केस, मुकदमे में जीत दिलाने वाला माना जाता है।
#आध्यात्मिक सुरक्षा कवच – यह साधक के चारों ओर अदृश्य सुरक्षा घेरा बना देता है।
🕉 बीसा यंत्र स्थापना एवं पूजा विधि
शुभ मुहूर्त
मंगलवार, शनिवार, या किसी शुभ तिथि/अमावस्या/पूर्णिमा को।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
स्थान चयन
घर/दुकान के पूजा स्थान, तिजोरी, या जेब में (छोटा यंत्र)।
यंत्र को लाल कपड़े पर स्थापित करें।
शुद्धिकरण
यंत्र को गंगाजल, दूध, शहद से धोकर पवित्र करें।
हल्दी-कुमकुम और अक्षत चढ़ाएं।
पूजन सामग्री
दीपक, धूप, लाल फूल, रोली, गुड़, चने, सिंदूर।
हनुमान जी या मां बगलामुखी का ध्यान करें।
#बीजमंत्र जप
यंत्र स्थापना के समय यह मंत्र ११, २१ या 108 बार जपें –
"ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः"
अथवा
"ॐ हं हनुमते नमः"
आरती एवं प्रार्थना
#हनुमान चालीसा / #संकटमोचन पाठ करें।
यंत्र से रक्षा, विजय व समृद्धि की प्रार्थना करें।
🔮 विशेष तांत्रिक उपाय
व्यापार वृद्धि हेतु – बीसा यंत्र को दुकान की तिजोरी में रखकर प्रतिदिन धूप-दीप करें।
शत्रु निवारण हेतु – यंत्र पर लाल मिर्च चढ़ाकर शनिवार को बहते जल में प्रवाहित करें।
भय निवारण हेतु – यंत्र को घर के मुख्य दरवाजे के ऊपर स्थापित करें।
नजर दोष से बचाव हेतु – बीसा यंत्र के साथ "काली मिर्च और सरसों" हर मंगलवार को जलाकर घर के बाहर घुमाएं।
सदैव साथ रखने हेतु – छोटे ताम्र पत्र पर अंकित बीसा यंत्र को गले में ताबीज या जेब में रख सकते हैं।
👉 बीसा यंत्र साधक को साहस, विजय, और दिव्य सुरक्षा प्रदान करता है। यदि इसे नियमित रूप से पूजा, मंत्रजाप और श्रद्धा से किया जाए, तो जीवन की अनेक कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
🔱 साधारण #प्रार्थना विधि (Daily Prayer Method)
प्रातःकाल स्नान के बाद शुद्ध आसन पर बैठें।
दीपक (घी या तिल का तेल) और धूप जलाएं।
सामने ईष्ट देव (हनुमानजी, माता लक्ष्मी, भगवान शिव अथवा कुलदेवता) का ध्यान करें।
दोनों हथेलियों को जोड़कर यह प्रार्थना बोलें –
“हे महाबली देवी-देवता, मेरी पत्नी और पुत्रियों सहित हमारी रक्षा व सुरक्षा करें,
हमारे धन-सम्पत्ति और सौभाग्य में वृद्धि करें,
हमसे पुण्य कर्म और देवकर्म करायें,
और हमारे माध्यम से सुख-शांति का भोग करें।”
अंत में परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर हाथ फेरते हुए “ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः” का उच्चारण करें।
🌺 विशेष उपाय
हनुमान रक्षा – मंगलवार/शनिवार को हनुमान चालीसा या बजरंग बाण पूरे परिवार के साथ मिलकर पढ़ें।
धन व सौभाग्य वृद्धि – शुक्रवार को माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को खीर, कमल या सफ़ेद फूल अर्पित करें।
गृह सुरक्षा – घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक, ॐ, अथवा श्री लिखें।
यंत्र स्थापना – रक्षा यंत्र (जैसा आपने साझा किया है) को पूजा करके लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी या पूजाघर में रखें।
पुण्य कर्म – हर महीने गरीबों को अन्न, वस्त्र दान करें या गौसेवा/पौधारोपण करें।
👉 यह सब उपाय करने से आपके परिवार पर देव कृपा बनी रहेगी, नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होगा और घर में सुख-शांति व सौभाग्य की वृद्धि होगी। #तंत्र मंत्र #तंत्र मंत्र साधनाएं समाधान #ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र #सभी प्रकार का समाधान तंत्र मंत्र #भैरव तंत्र #मंत्र साधना#यंत्र मंत्र तंत्र#टोटके और उपाय#ज्योतिष#


