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👉एक बेटी के मन के बात👌 #बाप बेटी का प्यार #बाप # बाप आणि लेक #बाप लाडकी लेक# #मुलगी
बाप बेटी का प्यार - एक बेटी के मन की बाते নানা, ঐ কর্মী যন ট? जिस घर में पूरा जीवन बिता, शिवभक्त एच॰एन.टोंपे निलंगा उसे ही एक दिन छोड़ कर जाना पडता है। फिर कभीन्कभी मेहमान बन कर ही आना पड़ता है। बाबा, ये भगवान की रचना कैसे हो सकती है? क्यों उसे बेटी की चुप्पी नहीं चुभती है? फिर वो घर मायका कहलाता है और एक घर ससुराल। तो बेटी का अपना घर कौननसा? मायके की दीवारें जिन्होंने हर मौसम में पनाह दी, अब अजनबी सी क्यों लगती हैं? घर आने के लिए भी इजाजत लेनी पड़ती है? फिर कहते हैं ~ इस घर र्में डोली आईथी अर्थी भी यहीं से जाएगी| तो बेटे के लिए कोई मायका क्यों नहीं होता? क्या सारी उम्र बेटी ही अपनी पहचान ফ? बदलती बेटी के सवाल आंसुओं से पिघलने लगे... বরানা কী আঁতরী ম बाबा कुछ बोल नहीं पाए, बस सोचते रहे. सोचते रहे... एक बेटी के मन की बाते নানা, ঐ কর্মী যন ট? जिस घर में पूरा जीवन बिता, शिवभक्त एच॰एन.टोंपे निलंगा उसे ही एक दिन छोड़ कर जाना पडता है। फिर कभीन्कभी मेहमान बन कर ही आना पड़ता है। बाबा, ये भगवान की रचना कैसे हो सकती है? क्यों उसे बेटी की चुप्पी नहीं चुभती है? फिर वो घर मायका कहलाता है और एक घर ससुराल। तो बेटी का अपना घर कौननसा? मायके की दीवारें जिन्होंने हर मौसम में पनाह दी, अब अजनबी सी क्यों लगती हैं? घर आने के लिए भी इजाजत लेनी पड़ती है? फिर कहते हैं ~ इस घर र्में डोली आईथी अर्थी भी यहीं से जाएगी| तो बेटे के लिए कोई मायका क्यों नहीं होता? क्या सारी उम्र बेटी ही अपनी पहचान ফ? बदलती बेटी के सवाल आंसुओं से पिघलने लगे... বরানা কী আঁতরী ম बाबा कुछ बोल नहीं पाए, बस सोचते रहे. सोचते रहे... - ShareChat