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(1) 3/12/25 #*let us understand our religion #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #points to ponder #Bhagawat Gita #सोचने वाली बात
*let us understand our religion - भगवद्गाता- अध्याय १८, श्लोक ६६सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज ।अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः ।।अनुवादः सभी धर्मों का परित्याग करके केवल मुझमें शरण लो। मैं तुम्हें समस्त पापों से मुक्त कर दूंगा; चिंता मत करोIBG १८.६६ः Abandoning all dharmas, take refuge in Me alone shall liberate you from all sins; do not worry क्या यह श्लोक एकेश्वरवाद को दिखाता है? Question to Chat GPT And answer from him, follows: 457-# हा, भगवद्गीता १८:६६ को विद्वान एकेश्वरवाद (Monotheism) की स्पष्ट अभिव्यक्ति मानते हैं। यह समर्पण) का श्लोक शरणागति (पूर्ण सर्वोच्च सिद्धांत बताता है। नीचे इसके में दिए हैंः कारण सरल रूप केवल १. ॰मामेकं शरणं व्रज" मद्यमें शरण लो भगवद्गाता- अध्याय १८, श्लोक ६६सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज ।अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः ।।अनुवादः सभी धर्मों का परित्याग करके केवल मुझमें शरण लो। मैं तुम्हें समस्त पापों से मुक्त कर दूंगा; चिंता मत करोIBG १८.६६ः Abandoning all dharmas, take refuge in Me alone shall liberate you from all sins; do not worry क्या यह श्लोक एकेश्वरवाद को दिखाता है? Question to Chat GPT And answer from him, follows: 457-# हा, भगवद्गीता १८:६६ को विद्वान एकेश्वरवाद (Monotheism) की स्पष्ट अभिव्यक्ति मानते हैं। यह समर्पण) का श्लोक शरणागति (पूर्ण सर्वोच्च सिद्धांत बताता है। नीचे इसके में दिए हैंः कारण सरल रूप केवल १. ॰मामेकं शरणं व्रज" मद्यमें शरण लो - ShareChat