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॥श्री महादेवाय नम:॥ ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे, सुगन्धिम्पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनात्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात॥ भावार्थ:- हम भगवान शंकर की पूजा करते हैं, जिनके तीन नेत्र हैं, जो प्रत्येक श्वास में जीवन शक्ति का संचार करते हैं, जो सम्पूर्ण जगत का पालन-पोषण अपनी शक्ति से कर रहे हैं। उनसे हमारी प्रार्थना है कि वे हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्त कर दें, जिससे मोक्ष की प्राप्ति हो जाए। 🌷‼️जय श्री महादेव‼️🌷 #जय भोले नाथ🙏🙏
जय भोले नाथ🙏🙏 - ೫ನf: | ২ণ aiat ಸ सारं भुजगेन्द्र हारं # a [ క్ష్త 3 = J ٢ 0 हर हर महादेव ऊँ नमःशिवाय 11 11 ೫ನf: | ২ণ aiat ಸ सारं भुजगेन्द्र हारं # a [ క్ష్త 3 = J ٢ 0 हर हर महादेव ऊँ नमःशिवाय 11 11 - ShareChat