ShareChat
click to see wallet page
search
#लोग दिवाने है बनावट के हम सादगी लेकर जाए कहां #सादगी प्रकृति की #सच्चा प्रेम नहीं सादगी #अब इतना भी वक्त सादगी का नहीं रहा मेरी जान
लोग दिवाने है बनावट के हम सादगी लेकर जाए कहां - विश्व राजू II माना अब सादगी का वह दौर नही रहा किन्तु यह भी अटल सत्य है पार्लर की चमक दमक भी ब्यूटी दो चार घंटे की मेहमान होती है विश्व राजू II माना अब सादगी का वह दौर नही रहा किन्तु यह भी अटल सत्य है पार्लर की चमक दमक भी ब्यूटी दो चार घंटे की मेहमान होती है - ShareChat