बेटियां मां-बाप के आंसुओं की चुप कहानी होती हैं।”
बेटियां तो वो रौशनी हैं, जो घर को चांद बना देती हैं,
मां-बाप के हर ग़म को, हंसी में छुपा लेती हैं।
खुद रो भी पड़ें तो भी, कहती हैं — “सब ठीक है,”
दिल में तूफ़ान लेकर भी, दुनिया से सलीक़ा रखती हैं।
बेटियां मां-बाप के हिस्से का दर्द बताती नहीं,
बल्कि उसे चुपचाप अपने हिस्से में बांट लेती हैं। 💖
जन्मदिन की हार्दिक बधाई बिटिया #🙏 माँ वैष्णो देवी
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