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##osho #परमात्मा #🌻आध्यात्म 🙏 #soul
#osho #परमात्मा - chobhov किसी पक्षी को मरते देखा? तुमने ऐसे सरल, ऐसे सहज, चुपचाप विदा हो जाता है! शोरगुल पंख भी नहीं फड़फड़ाता| भी नहीं मचाता। पक्षी तो इतने चुपचाप विदा हो जाते हैं, इतनी सरलता से विदा हो जाते हैं! ज़रा नोच खचोंट नहीं| पशुओं को मरते देखा? शोरगुल नहीं। तुमने ' ড়াব मौत में भी एक अपूर्व शांति होती है। आदमी को मरते देखो कितना उपद्रव मचाता है, कितना रोकने की अपने को चेष्टा करता है! क्या होगा कारण? कारण हैः जिंदगी व्यर्थ गई और मौत गई। अब आगे कोई आ समय न बचा। खाली आए खाली गए॰ कुछ भराव नहीं और यह मौत आ गई। तड़फे न आदमी तो क्या करे? ओशो अहोभाव ज्योति से ज्योति जले chobhov किसी पक्षी को मरते देखा? तुमने ऐसे सरल, ऐसे सहज, चुपचाप विदा हो जाता है! शोरगुल पंख भी नहीं फड़फड़ाता| भी नहीं मचाता। पक्षी तो इतने चुपचाप विदा हो जाते हैं, इतनी सरलता से विदा हो जाते हैं! ज़रा नोच खचोंट नहीं| पशुओं को मरते देखा? शोरगुल नहीं। तुमने ' ড়াব मौत में भी एक अपूर्व शांति होती है। आदमी को मरते देखो कितना उपद्रव मचाता है, कितना रोकने की अपने को चेष्टा करता है! क्या होगा कारण? कारण हैः जिंदगी व्यर्थ गई और मौत गई। अब आगे कोई आ समय न बचा। खाली आए खाली गए॰ कुछ भराव नहीं और यह मौत आ गई। तड़फे न आदमी तो क्या करे? ओशो अहोभाव ज्योति से ज्योति जले - ShareChat