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#aandha kanoon #law #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🚨UPSC Exams📚
aandha kanoon - शांतिकैे सूत्र अंदर से आती नकारात्मक आवाजों पर लगाम लगाएं कोई अगर डॉक्टर के पास जाए करती है। इसी को चिंता कहते हैं। और कहे कि मुझे अपने सिर में कोई कभी-कभी तो इस साउंडट्रैक के सुनाई देती है, तो संभव है आवाज मानसिक साथ दृश्य ्कल्पना या ক্ি ওম ক্িমী चलचित्र' भी जुड़ जाता है।  मनोचिकित्सक आप खुद को अपने मन से के पास   भेज आजाद कर सकते हैं। जब-जब दिया जाए॰ पर भी हो सके, अपने सिर के अंदर सच तो यह है बोलती आवाज को ध्यान से सुनना  कोई कि शुरू कीजिए। उन विचारों के ढर्रे पर एकहार्ट टॉल्ल हर विशेष ध्यान दीजिए॰ साक्षी के रूप সপন মিস विख्यात लेखक में वहां उपस्थित रहिए। कोई निर्णय कोई न ক্াহ आवाज हर समय सुूनता है। यह निष्कर्ष न लें। इस प्रकार जब आप எள far अपना कोई विचार सुनते हैं॰ तब खुद ब-्खुद चलन प्रक्रिया है, जिसके बारे में हमें पता आप केवल उस विचार के प्रति ही ही नहीं है कि इसे रोकने का सामर्थ्य सजग नहीं रहते हैं बल्कि उस विचार साक्षी के रूप में खुद के प्रति भी हममें है। के यह आवाज टीका टिप्पणी करती सजग रहते हैं। अपने मौजूदा काम ध्यान दें। जैसे जब भी सीढ़ियां है अटकलें लगाती है निर्णय व पर निष्कर्ष निकालती है॰ तुलना करती चढें या उतरें॰ तब अपने हर कदम 1 है, शिकायत करती है, पसंद नापसंद पर, अपनी हर गतिविधि पर॰ यहां करती है। हो सकता है कि वह अतीत तक कि अपनी सांस पर भी॰ आप के गढ़े मुर्दों में फिर से जान डाल अपना पूरा-पूरा ध्यान बनाए रखें। ٢ ফ্ৌ ৯ী; যা ক্িমী সপানিন সাণী पूरी तरह वर्तमान में रहें। वहां अपनी स्थिति की रिहर्सल कर रही हो या उपस्थिति की नीरव, शांत लेकिन कुछ कल्पना कर रही हो। अक्सर, ऊर्जस्वी अनुभूति को महसूस करें।  वह चीजों के बिगड़ने या नकारात्मक  एकहार्ट की किताब शक्तिमान परिणाम पाने की कल्पना अधिक वर्तमान से साभार शांतिकैे सूत्र अंदर से आती नकारात्मक आवाजों पर लगाम लगाएं कोई अगर डॉक्टर के पास जाए करती है। इसी को चिंता कहते हैं। और कहे कि मुझे अपने सिर में कोई कभी-कभी तो इस साउंडट्रैक के सुनाई देती है, तो संभव है आवाज मानसिक साथ दृश्य ्कल्पना या ক্ি ওম ক্িমী चलचित्र' भी जुड़ जाता है।  मनोचिकित्सक आप खुद को अपने मन से के पास   भेज आजाद कर सकते हैं। जब-जब दिया जाए॰ पर भी हो सके, अपने सिर के अंदर सच तो यह है बोलती आवाज को ध्यान से सुनना  कोई कि शुरू कीजिए। उन विचारों के ढर्रे पर एकहार्ट टॉल्ल हर विशेष ध्यान दीजिए॰ साक्षी के रूप সপন মিস विख्यात लेखक में वहां उपस्थित रहिए। कोई निर्णय कोई न ক্াহ आवाज हर समय सुूनता है। यह निष्कर्ष न लें। इस प्रकार जब आप எள far अपना कोई विचार सुनते हैं॰ तब खुद ब-्खुद चलन प्रक्रिया है, जिसके बारे में हमें पता आप केवल उस विचार के प्रति ही ही नहीं है कि इसे रोकने का सामर्थ्य सजग नहीं रहते हैं बल्कि उस विचार साक्षी के रूप में खुद के प्रति भी हममें है। के यह आवाज टीका टिप्पणी करती सजग रहते हैं। अपने मौजूदा काम ध्यान दें। जैसे जब भी सीढ़ियां है अटकलें लगाती है निर्णय व पर निष्कर्ष निकालती है॰ तुलना करती चढें या उतरें॰ तब अपने हर कदम 1 है, शिकायत करती है, पसंद नापसंद पर, अपनी हर गतिविधि पर॰ यहां करती है। हो सकता है कि वह अतीत तक कि अपनी सांस पर भी॰ आप के गढ़े मुर्दों में फिर से जान डाल अपना पूरा-पूरा ध्यान बनाए रखें। ٢ ফ্ৌ ৯ী; যা ক্িমী সপানিন সাণী पूरी तरह वर्तमान में रहें। वहां अपनी स्थिति की रिहर्सल कर रही हो या उपस्थिति की नीरव, शांत लेकिन कुछ कल्पना कर रही हो। अक्सर, ऊर्जस्वी अनुभूति को महसूस करें।  वह चीजों के बिगड़ने या नकारात्मक  एकहार्ट की किताब शक्तिमान परिणाम पाने की कल्पना अधिक वर्तमान से साभार - ShareChat