ShareChat
click to see wallet page
search
#कबीर_परमात्मा_की_वाणी #🗣कबीर अमृतवाणी📢 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🌷शुभ सोमवार
कबीर_परमात्मा_की_वाणी - कवीरदाणी 3 কন্রীব, सुख के माथे पत्थर पडो , जो नाम हृदय से जाय। बलिहारी वा ಕಹ जा पलन्पल राम रटाय। | भावार्थः हे परमात्मा इतना सुख भी ना देना जिससे तेरी जिस दुःख से भूल पडे़। की पल-पल এযমামো बनी रहे, वैसे याद दुःख सदा देते मैँ बलिहारी रहना जाऊँ उस दुःख को जिसके कारण परमात्मा की शरण मिली। कवीरदाणी 3 কন্রীব, सुख के माथे पत्थर पडो , जो नाम हृदय से जाय। बलिहारी वा ಕಹ जा पलन्पल राम रटाय। | भावार्थः हे परमात्मा इतना सुख भी ना देना जिससे तेरी जिस दुःख से भूल पडे़। की पल-पल এযমামো बनी रहे, वैसे याद दुःख सदा देते मैँ बलिहारी रहना जाऊँ उस दुःख को जिसके कारण परमात्मा की शरण मिली। - ShareChat