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#🙏 ਬਾਬਾ ਵਿਸ਼ਵਕਰਮਾ ਜੀ ਦਿਵਸ 🙏 #ਵਿਸ਼ਵਕਰਮਾ ਦਿਵਸ #🙏ਵਿਸ਼ਵਕਰਮਾ ਦਿਵਸ #🙏 ਵਿਸ਼ਵਕਰਮਾ ਦਿਵਸ 🌸 #🌏ਬਾਬਾ ਵਿਸ਼ਵਕਰਮਾ ਦਿਵਸ 👏
🙏 ਬਾਬਾ ਵਿਸ਼ਵਕਰਮਾ ਜੀ ਦਿਵਸ 🙏 - 0ggi 00 01 श्री[ विश्युपर्माजी[ की आरती विश्वकर्म , प्मु जयशी विश्वकर्मा | सकल सृष्टि के करता , खक श्रुति घर्म।। जय।। जय आदि सृष्टि नें विधि को॰ श्रुति उपदेश दिया। जीव मात्र का जग रमे॰ ज्ञान विकास किया।। जय।। ऋषि अग्निस तप से॰ शन्ति नर्ही पाई। ध्यन किया जब प्रनु का॰ सकल सिद्धि आई।। जय।। ने॰ जब आश्रय लीना। संकट मेचन बनकरः दूर दुःख कीना।। जय।। ~UIUI टेर करी। सुनकर दीन प्रार्थना, विषति हरी सगरी।। जय।। दम्पती , तुम्हरी स्थकार ಲo द्विनुज  चतुर्नुज  दशभुज, एकानन , चतुरानत  पचानन राजे। ~I~l೮ul  48[809[ ~ಭ^ सिद्वि आवे। मन द्विविध मिट जावे, अटल शन्ति पाव।। जय।। ध्यन घरे तब पदकी, सकल विश्वकर्मा की आरती॰ जो कोई गावे। भक्त गजानन स्वामी॰ सुख सम्पति पावे।। जय।। 0ggi 00 01 श्री[ विश्युपर्माजी[ की आरती विश्वकर्म , प्मु जयशी विश्वकर्मा | सकल सृष्टि के करता , खक श्रुति घर्म।। जय।। जय आदि सृष्टि नें विधि को॰ श्रुति उपदेश दिया। जीव मात्र का जग रमे॰ ज्ञान विकास किया।। जय।। ऋषि अग्निस तप से॰ शन्ति नर्ही पाई। ध्यन किया जब प्रनु का॰ सकल सिद्धि आई।। जय।। ने॰ जब आश्रय लीना। संकट मेचन बनकरः दूर दुःख कीना।। जय।। ~UIUI टेर करी। सुनकर दीन प्रार्थना, विषति हरी सगरी।। जय।। दम्पती , तुम्हरी स्थकार ಲo द्विनुज  चतुर्नुज  दशभुज, एकानन , चतुरानत  पचानन राजे। ~I~l೮ul  48[809[ ~ಭ^ सिद्वि आवे। मन द्विविध मिट जावे, अटल शन्ति पाव।। जय।। ध्यन घरे तब पदकी, सकल विश्वकर्मा की आरती॰ जो कोई गावे। भक्त गजानन स्वामी॰ सुख सम्पति पावे।। जय।। - ShareChat