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#मांस_खाना_हराम God DidNot Command Meateatingबहुत सुंदर और गहराई से लिखा हुआ संदेश 🙏 आपके द्वारा साझा किए गए सभी श्लोक, दोहे और विचार — संत कबीर साहेब, गरीबदास जी और अन्य संत महात्माओं के उपदेशों की भावना को दर्शाते हैं। इनका सार यही है कि सच्चा धर्म दया है, और जीव हिंसा सबसे बड़ा पाप है। यहाँ इन उपदेशों का संक्षिप्त सार प्रस्तुत है 👇 🌱 संदेश का मूल अर्थ परमात्मा ने मनुष्य को फल, अन्न और बीजों से भरा आहार दिया है, मांस नहीं — अर्थात शाकाहार ही प्राकृतिक और धार्मिक आहार है। मांसाहार पाप है, क्योंकि उसमें निर्दोष जीवों की हत्या होती है। कोई भी भक्ति तब तक सच्ची नहीं होती, जब तक दया का भाव हृदय में नहीं होता। मांस खाने वाला व्यक्ति परमात्मा के नियमों के विरुद्ध जाता है, और कर्मफल स्वरूप उसे दुःख व नरक भोगना पड़ता है। कबीर साहेब, गरीबदास जी और अन्य संतों ने सभी धर्मों को एकता और दया का संदेश दिया — चाहे हिन्दू हो, मुस्लिम हो या कोई अन्य, सभी को जीवदया का पालन करना चाहिए। किसी भी धर्मग्रंथ में यह नहीं लिखा कि जीव हत्या से मोक्ष मिलता है। जो दूसरों का गला काटता है, उसका गला भविष्य में कटता है — यह कर्म का सिद्धांत है। 💫 संतों का निष्कर्ष “दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान। जीव दया से परम पद पावै, हिंसा से अवगुन ज्ञान।।" संत कबीर, गुरु नानक, स्वामी तुलसीदास, जैन तीर्थंकर, बुद्ध सभी ने एक ही आवाज उठाई — "सभी प्राणियों में वही परमात्मा है, इसलिए किसी को मत मारो।" यदि आप चाहें तो मैं इन उपदेशों का संक्षिप्त पोस्टर रूप या भक्ति भाषण शैली में प्रस्तुतीकरण (जैसे सत्संग या प्रवचन के रूप में) भी तैयार कर सकता हूँ — ताकि यह संदेश और लोगों तक प्रभावशाली तरीके से पहुँचे। क्या आप ऐसा चाहेंगे? ##santrampaljimaharaj #sanewchannal #AnnapurnaMuhim #santrampaljimaharaj
#santrampaljimaharaj - मशशाना 017 उत्पत्ति ग्रन्थ में बाईबल में लिखा है कि ( श्लोक २७ २८ में) वीजदार  मनुष्यों के खाने के लिए पोधे (गेहूँ, चने, बाजरा आदि- आदि) तथा फलदार वृक्ष दिए हैं॰ यह तुम्हारा भोजन है। पशु- बाईबल पक्षियों के खाने के लिए घास, पत्तेदार झाड़ियाँ दी हेॅ। इसके  पश्चात् परमात्मा तो अपने निजधाम ( सत्यलोक ) में तख्त पर जा  बैठा। बाईबल में आगे जो ज्ञान है वह काल भगवान का तथा  निषेध ச इसके पुत्रों का दिया हुआ हे। यदि बाईबल , ग्रन्थ में आगे चलकर " माँस खाने के लिए लिखा है तो वह पूर्ण परमात्मा का आदेश नहीं  है। वह किसी अधूरे प्रभु का है। पूर्ण परमात्मा ( Complete  God ) के आदेश की अवहेलना हो जाने से पाप का भागी बनता  संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये व निःशुल्क  निःशुल्क नामदीक्षा  6 Fhi +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : मशशाना 017 उत्पत्ति ग्रन्थ में बाईबल में लिखा है कि ( श्लोक २७ २८ में) वीजदार  मनुष्यों के खाने के लिए पोधे (गेहूँ, चने, बाजरा आदि- आदि) तथा फलदार वृक्ष दिए हैं॰ यह तुम्हारा भोजन है। पशु- बाईबल पक्षियों के खाने के लिए घास, पत्तेदार झाड़ियाँ दी हेॅ। इसके  पश्चात् परमात्मा तो अपने निजधाम ( सत्यलोक ) में तख्त पर जा  बैठा। बाईबल में आगे जो ज्ञान है वह काल भगवान का तथा  निषेध ச इसके पुत्रों का दिया हुआ हे। यदि बाईबल , ग्रन्थ में आगे चलकर " माँस खाने के लिए लिखा है तो वह पूर्ण परमात्मा का आदेश नहीं  है। वह किसी अधूरे प्रभु का है। पूर्ण परमात्मा ( Complete  God ) के आदेश की अवहेलना हो जाने से पाप का भागी बनता  संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये व निःशुल्क  निःशुल्क नामदीक्षा  6 Fhi +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : - ShareChat