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#शुभ शुक्रवार🌷 #🙏जय माता दी📿 #❤️शुभकामना सन्देश #🌞 Good Morning🌞
शुभ शुक्रवार🌷 - प्रेम और भाईचारा किसी गाँव र्में दो भाई रहते थे। बड़े की शादी हो गई थी। उसके दो बच्चे भी थे। लेकिन छोटा भाई अभी कुंवारा था। दोनों साझा खेती करते थे। एक बार उनके खेत में गेहूँ की फसल पककर तैयार हो गई। दोनों ने मिलकर फसल काटी और गेहूँ तैयार किया। इसके बाद दोनों ने आधा ्आधा गेहूँ बाँट लिया। अब उन्हें ढ़ोकर घर ले जाना बचा था। रात हो गई थी, इसलिए यह काम अगले दिन ही हो पाता। रात में दोनों को फसल की रखवाली के लिए खलिहान पर ही रुकना था। दोनों को भूख भी लगी थी। दोनों ने बारी बारी से खाने की सोची। बड़ा भाई खाना खाने घर चला गया। छोटा भाई পমল खलिहान पर ही रुक गया। वह सोचने लगा, भैया की शादी हो गई है उनका परिवार है, इसलिए उन्हें ज्यादा अनाज की जरूरत होगी। यह सोचकर उसने अपने ढेर से कई टोकरी गेहूँ निकालकर बड़े भाई वाले ढेर में मिला दिया। बड़ा भाई थोड़ी देर र्में खाना खाकर लौटा। उसके बाद छोटा भाई खाना खाने घर चला गया। बड़ा भाई सोचने लगा, मेरा तो परिवार है, बच्चे हैं॰ वे मेरा ध्यान रख सकते हैं। लेकिन मेरा छोटा भाई तो एकदम अकेला है, इसे देखने वाला कोई नहीं है। इसे সুসমী गेहूँ की जरूरत है। उसने अपने ढेर से उठाकर कई टोकरी गेहूँ ज्यादा छोटे भाई वाले गेहूँ के ढेर में मिला दिया।  तरह दोनों के गेहूँ की कुल मात्रा में कोई कमी नहीं आई। इस हाँ, दोनों के आपसी प्रेम और भाईचारे में थोड़ी और वृद्धि जरूर हो गर्द। प्रेम और भाईचारा किसी गाँव र्में दो भाई रहते थे। बड़े की शादी हो गई थी। उसके दो बच्चे भी थे। लेकिन छोटा भाई अभी कुंवारा था। दोनों साझा खेती करते थे। एक बार उनके खेत में गेहूँ की फसल पककर तैयार हो गई। दोनों ने मिलकर फसल काटी और गेहूँ तैयार किया। इसके बाद दोनों ने आधा ्आधा गेहूँ बाँट लिया। अब उन्हें ढ़ोकर घर ले जाना बचा था। रात हो गई थी, इसलिए यह काम अगले दिन ही हो पाता। रात में दोनों को फसल की रखवाली के लिए खलिहान पर ही रुकना था। दोनों को भूख भी लगी थी। दोनों ने बारी बारी से खाने की सोची। बड़ा भाई खाना खाने घर चला गया। छोटा भाई পমল खलिहान पर ही रुक गया। वह सोचने लगा, भैया की शादी हो गई है उनका परिवार है, इसलिए उन्हें ज्यादा अनाज की जरूरत होगी। यह सोचकर उसने अपने ढेर से कई टोकरी गेहूँ निकालकर बड़े भाई वाले ढेर में मिला दिया। बड़ा भाई थोड़ी देर र्में खाना खाकर लौटा। उसके बाद छोटा भाई खाना खाने घर चला गया। बड़ा भाई सोचने लगा, मेरा तो परिवार है, बच्चे हैं॰ वे मेरा ध्यान रख सकते हैं। लेकिन मेरा छोटा भाई तो एकदम अकेला है, इसे देखने वाला कोई नहीं है। इसे সুসমী गेहूँ की जरूरत है। उसने अपने ढेर से उठाकर कई टोकरी गेहूँ ज्यादा छोटे भाई वाले गेहूँ के ढेर में मिला दिया।  तरह दोनों के गेहूँ की कुल मात्रा में कोई कमी नहीं आई। इस हाँ, दोनों के आपसी प्रेम और भाईचारे में थोड़ी और वृद्धि जरूर हो गर्द। - ShareChat