ShareChat
click to see wallet page
search
#अधुऱ्या प्रेमाची ही पूर्ण गोष्ट ❤️
अधुऱ्या प्रेमाची ही पूर्ण गोष्ट ❤️ - कभी॰कभी खामोशी भी कितना बोल जाती है, तुम समझो तो एक धड़कन में सारी बात खोल जाती है। मैं चुप इस चुप्पी के पीछे &.. पर हज़ारों अहसास कतार में खड़े हैं एक शब्द का इंतज़ार करते हुए। H 35R मैं तुम्हें नज़रअंदाज़ नहीं कर रही, मैं तो बस चाहती हूँ तुम्हारी हो.. कि इस बार पहल कभी॰कभी खामोशी भी कितना बोल जाती है, तुम समझो तो एक धड़कन में सारी बात खोल जाती है। मैं चुप इस चुप्पी के पीछे &.. पर हज़ारों अहसास कतार में खड़े हैं एक शब्द का इंतज़ार करते हुए। H 35R मैं तुम्हें नज़रअंदाज़ नहीं कर रही, मैं तो बस चाहती हूँ तुम्हारी हो.. कि इस बार पहल - ShareChat