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मुंबई से प्रकाशित 'सामना' में नियमित भोजपुरी व्यंग्य कॉलम में 12 नवम्बर बुधवार को प्रकाशित बिहार चुनाव पर आधारित व्यंग्य। पसंद आए तो अपनी राय जरूर रखें। #मुंबई #सामना #हिंदी #भोजपुरी #व्यंग्य मुंबई से प्रकाशित 'सामना' में नियमित भोजपुरी व्यंग्य कॉलम में 12 नवम्बर बुधवार को प्रकाशित बिहार चुनाव पर आधारित व्यंग्य। पसंद आए तो अपनी राय जरूर रखें। #मुंबई #सामना #राजनीतिक व्यंग्य
राजनीतिक व्यंग्य - सामना नेताजो के जोत तय बा! भोजपुरिया व्यंग्य टेलीविजन पर देखीं, एक चैनल कहत बा फलां पार्टी १८० सीट पावत बा, दोसरा कहत बाना ना, ऊ त हार रहल बा। अब जनता कहे, टीवी वाला प्रभुनाथ शुक्ल भदोही लोगन के भी अब सिख गइल बा। नेता जादू -टोना जी सभे मंच पर जा के ऐसें बोलत बानीं जइसे अबकी बार कुछ में चुनाव  के माहौल हार चुनाव आयोग ना, ऊ खुद भगवान बा, हम अइसन बा जइसे बरसात में मेंढक टर्र- जीतब, बाकी सब हारब, जनता के अब टर्र करत बाडे। कवनो के भरोसा नइखे कि ভুপ্সা মহল না কি $ মন সম না, বৈমন पानी कब रुक जाई, बाकि आवाज सबके बा। फर्क बस इतना बा कि टिकट जनता बराबर ऊँची बा। अब देखी ना, अभी त के हाथ में बा॰ बाकि स्क्रिप्ट नेता जी आखिरी चरण के वोट पड़ल भी नइखे पहले से लिख लिहले बानी। बाकि हर नेता के दिल में जीत के बिहार के जनता बड़ा सयानी बा, झंडा लहरात बा। कोई कहत बा हमरे ऊ जानत बा कि एतना विकास के वादा लहर बा, त कोई बोलत बा हमरे तेवर बा। चुनाव के बाद विलास में बदल जाई। जनता बुझा गइल बा कि॰ई लहर बा कि अब ऊ कहे लागल बानी, भइया, नेता बुखार बा। नेता जी अबहीं खुश बानी के भरोसा पर सरकार ना बनेला, कि ओकरा सरकार बन गईल। वोट से बनल सरकार भी नेता बाकि जनता मन में सोचत बा लोग के भरोसे टिकेला। कुछ लोग f बोट गिनले बिना रिजल्ट নানু; নিংক্ত  কম্ন নানী सरकार बनेगी। बतावत बानी, तई लोकतंत्र में त्रिशंकु जनता कहत बा॰ बने दीं॰ नहीं, भविष्यवाणी में लिहल जाई। तो रामायण में भी लटकत रहल हर गली मोहल्ला में पोस्टर सरकारो थोड़ दिन लटकी त का बिहार बदलेगा हमरे लटकावल बा॰ नारा लगावल बा बिगड़ी ? अबकी बिहार चुनाव में जनता ना हँसे के साथ , बाकि जनता कहत बा, पिछली बेरो अइसहीं মুত্রা ৭ बा॰ ना रोए के। ऊ त बस तमाशा देखत बा अब त रस्ता से लेकर राशन तक कहल गइल रहे, पर बयान, रोड शो में नाच, हेलीकॉप्टर के धूल बदले नइखे। अबकी बेर जनता चुप बा, बाकि अंदर- अउर नेता जी के जोश। बाकि जब बटन दबाई, अंदर सोच रहल बाकि॰ई सब बोले के रोग नेता जी सबके जोश उतर जाई। के छु रहल बा। Hindi Edition Saamana Saamana supplements 2025 Page Nov १२ , No 15 सामना नेताजो के जोत तय बा! भोजपुरिया व्यंग्य टेलीविजन पर देखीं, एक चैनल कहत बा फलां पार्टी १८० सीट पावत बा, दोसरा कहत बाना ना, ऊ त हार रहल बा। अब जनता कहे, टीवी वाला प्रभुनाथ शुक्ल भदोही लोगन के भी अब सिख गइल बा। नेता जादू -टोना जी सभे मंच पर जा के ऐसें बोलत बानीं जइसे अबकी बार कुछ में चुनाव  के माहौल हार चुनाव आयोग ना, ऊ खुद भगवान बा, हम अइसन बा जइसे बरसात में मेंढक टर्र- जीतब, बाकी सब हारब, जनता के अब टर्र करत बाडे। कवनो के भरोसा नइखे कि ভুপ্সা মহল না কি $ মন সম না, বৈমন पानी कब रुक जाई, बाकि आवाज सबके बा। फर्क बस इतना बा कि टिकट जनता बराबर ऊँची बा। अब देखी ना, अभी त के हाथ में बा॰ बाकि स्क्रिप्ट नेता जी आखिरी चरण के वोट पड़ल भी नइखे पहले से लिख लिहले बानी। बाकि हर नेता के दिल में जीत के बिहार के जनता बड़ा सयानी बा, झंडा लहरात बा। कोई कहत बा हमरे ऊ जानत बा कि एतना विकास के वादा लहर बा, त कोई बोलत बा हमरे तेवर बा। चुनाव के बाद विलास में बदल जाई। जनता बुझा गइल बा कि॰ई लहर बा कि अब ऊ कहे लागल बानी, भइया, नेता बुखार बा। नेता जी अबहीं खुश बानी के भरोसा पर सरकार ना बनेला, कि ओकरा सरकार बन गईल। वोट से बनल सरकार भी नेता बाकि जनता मन में सोचत बा लोग के भरोसे टिकेला। कुछ लोग f बोट गिनले बिना रिजल्ट নানু; নিংক্ত  কম্ন নানী सरकार बनेगी। बतावत बानी, तई लोकतंत्र में त्रिशंकु जनता कहत बा॰ बने दीं॰ नहीं, भविष्यवाणी में लिहल जाई। तो रामायण में भी लटकत रहल हर गली मोहल्ला में पोस्टर सरकारो थोड़ दिन लटकी त का बिहार बदलेगा हमरे लटकावल बा॰ नारा लगावल बा बिगड़ी ? अबकी बिहार चुनाव में जनता ना हँसे के साथ , बाकि जनता कहत बा, पिछली बेरो अइसहीं মুত্রা ৭ बा॰ ना रोए के। ऊ त बस तमाशा देखत बा अब त रस्ता से लेकर राशन तक कहल गइल रहे, पर बयान, रोड शो में नाच, हेलीकॉप्टर के धूल बदले नइखे। अबकी बेर जनता चुप बा, बाकि अंदर- अउर नेता जी के जोश। बाकि जब बटन दबाई, अंदर सोच रहल बाकि॰ई सब बोले के रोग नेता जी सबके जोश उतर जाई। के छु रहल बा। Hindi Edition Saamana Saamana supplements 2025 Page Nov १२ , No 15 - ShareChat