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#14 September હિન્દી દિવસ #રાષ્ટ્રીય હિન્દી દિવસ #રાષ્ટ્રીય હિન્દી દિવસની શુભકામનાઓ
14 September હિન્દી દિવસ - #हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है और कोई भी अक्षर वैसा क्यूँ है उसके पीछे कुछ कारण है क, ख, ग घ, ङ- कंठव्य कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय 8ಫ Oaa कंठ से निकलती है। एक बार बोल कर देखिये च, छ, ज, झ,ञ- तालव्य कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ तालू से लगती है। एक बार बोल कर देखिये  मूर्धन्य कहे  भकेै ,5,3,6, U[- क्योंकि इनका उच्चारण जीभ लगने पर ही सम्भव है। मूर्धा से एक बार बोल कर देखिये त, थ, द, ध, न- दंतीय कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ दांतों से लगती है। एक बार बोल कर देखिये प, फ, ब, भ, म॰- ओष्ठ्य कहे गए, क्योंकि इनका उच्चारण ओठों के নিলন ही होता है। एक बार बोल पर कर देखिये #हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है और कोई भी अक्षर वैसा क्यूँ है उसके पीछे कुछ कारण है क, ख, ग घ, ङ- कंठव्य कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय 8ಫ Oaa कंठ से निकलती है। एक बार बोल कर देखिये च, छ, ज, झ,ञ- तालव्य कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ तालू से लगती है। एक बार बोल कर देखिये  मूर्धन्य कहे  भकेै ,5,3,6, U[- क्योंकि इनका उच्चारण जीभ लगने पर ही सम्भव है। मूर्धा से एक बार बोल कर देखिये त, थ, द, ध, न- दंतीय कहे गए, क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ दांतों से लगती है। एक बार बोल कर देखिये प, फ, ब, भ, म॰- ओष्ठ्य कहे गए, क्योंकि इनका उच्चारण ओठों के নিলন ही होता है। एक बार बोल पर कर देखिये - ShareChat