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यदा यदा — "यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत; अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्... परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥" 📜🙏 इस पंक्ति का स्रोत भगवद्गीता (अध्याय 4, श्लोक 7–8) है और विकिपीडिया/विकिसूक्तियों पर गीता व ये श्लोक व्यापक रूप से देखे और संदर्भित किए जाते हैं — इसलिए यही 'ट्रेंडिंग श्लोक' का सबसे ताकतवर विकल्प माना जा रहा है। श्लोक की रचना अनुष्टुप् छंद पर होती है — पारंपरिक 32-सिलेबल संरचना जो छोटे शब्दों में गहरा अर्थ टिकाकर रखती है, इसलिए मौखिक परंपरा में ये पंक्तियाँ जल्दी याद रहती हैं। तर्क/साइंस-विश्लेषण: किसी भी जटिल सिस्टम में जब असंतुलन बढ़ता है तो negative-feedback और होमियोस्टैटिक मेकैनिज्म सक्रिय हो कर संतुलन बहाल करते हैं; ठीक इसी तरह यह श्लोक कहता है कि जब सामाजिक-नैतिक असंतुलन (अधर्म) बढ़ता है तब संतुलन लाने वाली शक्तियाँ (अवतार/रिस्पॉन्स) उत्पन्न होती हैं — इसे धार्मिक संदेश के साथ-साथ सिस्टम्स थ्योरी और इकोलॉजिकल-रिजिलियंस के नजरिये से समझना हमारी नैतिक और वैज्ञानिक समझ दोनों को मज़बूत बनाता है। 🚀🧭 शेयर-कॉल: पढ़िए, गहराई से समझिए और अपने रोज़मर्रा के छोटे-छोटे कर्मों से वह संतुलन बनाइए जो संसार में बड़ा फर्क लाता है। 🤔🔥 #यदा_यदा #BhagavadGita #श्लोक #धर्म #AncientWisdom #Quote 🙏📖 @श्लोक @श्लोक @श्लोक... (^_-) @श्लोक महाडीक @श्लोक [ देव वाणीं ] #श्लोक #श्लोक om krishnay #🙏प्रेरणात्मक कविताएँ / श्लोक ...✏📚 #भगवद गीता के सभी श्लोक #धार्मिक श्लोक
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