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श्री कालभैरव 🙏 श्री कालभैरव भगवान शिव का एक उग्र (रौद्र) अवतार हैं। उन्हें 'भैरव' या 'भैरवनाथ' भी कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'जो देखने में भयंकर हो' या 'जो भय से रक्षा करता है'। ✨ मुख्य बातें स्वरूप: वह भगवान शिव के विनाश से जुड़े उग्र अवतार हैं, जो दुष्टों को दंड देते हैं और भक्तों की रक्षा करते हैं। काशी के कोतवाल: उन्हें विशेष रूप से काशी (वाराणसी) का कोतवाल (नगर रक्षक) माना जाता है। यह मान्यता है कि काशी नगरी में उनकी ही मर्जी चलती है। अन्य नाम: उन्हें दंडपाणि (जिसके हाथ में दण्ड हो) और स्वस्वा (जिसका वाहन कुत्ता है) भी कहा जाता है। भैरव स्वरूप: भैरव के कई स्वरूप हैं, जिनमें बटुक भैरव (बाल रूप, सौम्य) और काल भैरव (साहसिक युवा रूप) प्रमुख हैं। पूजा का महत्व: उनकी उपासना से भय, अवसाद, रोग और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं, तथा साहस और सुरक्षा प्राप्त होती है। शनि और राहु की बाधाओं से मुक्ति के लिए भी उनकी पूजा अचूक मानी जाती है। 📅 काल भैरव जयंती (कालाष्टमी) भगवान काल भैरव का प्राकट्य मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, जिसे काल भैरव जयंती या कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। क्या आप काल भैरव की पूजा विधि, मंत्र, या काल भैरव अष्टक के बारे में और जानना चाहेंगे? #aaj ki taaja khabar #🗞breaking news🗞 #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #🆕 ताजा अपडेट
aaj ki taaja khabar - 12 Novemmber !! जय बाबा काल भैरव अतिक्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम् भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा ढातुमर्हसि महाकाल के अवतार श्री कालभेर जयंती के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ नकारात्मकता, विषमता 46ಫ ವ Irends Crcalon कष्टों से श्री काल भैरव एवं जी आप सभी की रक्षा करें 12 Novemmber !! जय बाबा काल भैरव अतिक्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम् भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा ढातुमर्हसि महाकाल के अवतार श्री कालभेर जयंती के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ नकारात्मकता, विषमता 46ಫ ವ Irends Crcalon कष्टों से श्री काल भैरव एवं जी आप सभी की रक्षा करें - ShareChat