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#श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 #भगवद गीता सार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓
श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 - भवाप्ययौ हि भूतानां श्रुतौ विस्तरशो मया। त्वतः कमलपत्राक्ष माहात्म्यमपि चाव्ययम्।। क्योंकि हिे कमलनेत्र! मैने आपसे भूतों की उत्पत्ति और प्रलय विस्तारप्रवक सुने है तथा आपकी अविनाशी महिमा भीसुनो है |||2|| II इस श्लोक में अर्जन भगवान श्री कृष्ण से कह रहे हैं कि उन्होने संसार के सभी प्राणियोंके जीवन कीउउत्पत्ति और विनाश के बारे मे विस्तार से सुना है। अर्थत्  अर्जून ने ब्रह्मा विष्णु और शिव क विभित्न रूप क बारेम भी सुना हालकिनॅ उन्होने यह भी सुना हैकि इस विराट रूपके अद्वितीयता और अचलता के बारेमें॰ जो कि कमल पत्र कीओंखों वाले किमलपत्राक्ष भगवान का है चह भी अटल और अविनाशी हैl अर्जून यह मानते हैकि इस विराट रूप का ज्ञान और इसका महात्म्य अत्यत महान और शाश्वत है। इस रूपकी विशेषता यहहैकि यह समस्त संसारकी उत्पत्ति और संहार को देखने मे सक्षम है लेकिन स्वयं अचल और अयथार्थहै। इस प्रकार , अर्जुन भगवान क विराट रूप के अद्वितीयता और अचलता की सराहना कर रहेहैl भवाप्ययौ हि भूतानां श्रुतौ विस्तरशो मया। त्वतः कमलपत्राक्ष माहात्म्यमपि चाव्ययम्।। क्योंकि हिे कमलनेत्र! मैने आपसे भूतों की उत्पत्ति और प्रलय विस्तारप्रवक सुने है तथा आपकी अविनाशी महिमा भीसुनो है |||2|| II इस श्लोक में अर्जन भगवान श्री कृष्ण से कह रहे हैं कि उन्होने संसार के सभी प्राणियोंके जीवन कीउउत्पत्ति और विनाश के बारे मे विस्तार से सुना है। अर्थत्  अर्जून ने ब्रह्मा विष्णु और शिव क विभित्न रूप क बारेम भी सुना हालकिनॅ उन्होने यह भी सुना हैकि इस विराट रूपके अद्वितीयता और अचलता के बारेमें॰ जो कि कमल पत्र कीओंखों वाले किमलपत्राक्ष भगवान का है चह भी अटल और अविनाशी हैl अर्जून यह मानते हैकि इस विराट रूप का ज्ञान और इसका महात्म्य अत्यत महान और शाश्वत है। इस रूपकी विशेषता यहहैकि यह समस्त संसारकी उत्पत्ति और संहार को देखने मे सक्षम है लेकिन स्वयं अचल और अयथार्थहै। इस प्रकार , अर्जुन भगवान क विराट रूप के अद्वितीयता और अचलता की सराहना कर रहेहैl - ShareChat