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#♥Parmeshwar ka Vachan♥
♥Parmeshwar ka Vachan♥ - तीमुथियुस २:१४ कहता है, "इन बातों की सुधि उन्हें दिला, 2 और प्रभु के सामने चिता दे, कि शब्दों पर तर्क-वितर्क न किया  सुननेवाले बिगड़ जाते करें, जिनसे कुछ लाभ नहीं होता; वरन् हैं।" यह वचन आपको व्यर्थ की बहस में न पड़ने और को दूसरों  भी इससे दूर रहने की सलाह देता है, क्योंकि ऐसी बातें न केवल निरर्थक हैं, बल्कि वालों को आध्यात्मिक रूप से नुकसान सुनने भी पहुँचाती हैं। संदेह और तर्क-वितर्क पर ध्यान केंद्रित न करेंः यह आयत हमें सिखाती है कि हमें शब्दों के झगड़े में नहीं पड़ना चाहिए। वालों को नुकसान से बचाएंः व्यर्थ की बातों से सुनने H विश्वास और भक्ति कमज़ोर होती है। বালী ক্ধা सच्ची शिक्षा पर ध्यान देंः इस तरह के व्यर्थ वाद-विवाद से बचें और परमेश्वर के वचन और सही शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। तीमुथियुस २:१४ कहता है, "इन बातों की सुधि उन्हें दिला, 2 और प्रभु के सामने चिता दे, कि शब्दों पर तर्क-वितर्क न किया  सुननेवाले बिगड़ जाते करें, जिनसे कुछ लाभ नहीं होता; वरन् हैं।" यह वचन आपको व्यर्थ की बहस में न पड़ने और को दूसरों  भी इससे दूर रहने की सलाह देता है, क्योंकि ऐसी बातें न केवल निरर्थक हैं, बल्कि वालों को आध्यात्मिक रूप से नुकसान सुनने भी पहुँचाती हैं। संदेह और तर्क-वितर्क पर ध्यान केंद्रित न करेंः यह आयत हमें सिखाती है कि हमें शब्दों के झगड़े में नहीं पड़ना चाहिए। वालों को नुकसान से बचाएंः व्यर्थ की बातों से सुनने H विश्वास और भक्ति कमज़ोर होती है। বালী ক্ধা सच्ची शिक्षा पर ध्यान देंः इस तरह के व्यर्थ वाद-विवाद से बचें और परमेश्वर के वचन और सही शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। - ShareChat