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#जीवन के उच्च विचार
जीवन के उच्च विचार - के तीन प्रमुख नियम प्रकृति f44R HTR सबको जानना चाहिए का पहला नियम प्रकृति 1- यदि खेत में बीज न डालें जाएं तो कुदरत उसे घास-फूस से 'भर देती हैं... ! ! ठीक उसी तरह से दिमाग में सकारात्मक विचार न भरे जाएँ तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना ही लेते हैं... !! का दूसरा नियम :- जिसके पास 2- प्रकृति जो होता है...!! वह वही बांटता है....! ! सुख बांटता है... दुःख बांटता है॰ दुःखी सुखी ज्ञानी ज्ञान बांटता है॰. भ्रमित भ्रम बांटता है. भयभीत भय बांटता हैं...... ! ! का तीसरा नियम :- आपको प्रकृति 3-: जीवन से जो कुछ भी मिलें उसे पचाना सीखो क्योंकि भोजन न पचने पर रोग  बढ़ते हैं... ! पैसा न पचने पर दिखावा बढ़ता है... ! बात न पचने पर है... ! प्रशंसा न पचने पर बढ़ती चुगली 11,259 अंहकार बढ़ता है.... ! निंदा न पचने पर है... ! राज़ न पचने पर बढ़ती दुश्मनी खतरा बढ़ता है...! दुःख न पचने पर নিবাথাা है...! और सुख न पचने पर बढ़ती 93 पाप बढ़ता है... ! के तीन प्रमुख नियम प्रकृति f44R HTR सबको जानना चाहिए का पहला नियम प्रकृति 1- यदि खेत में बीज न डालें जाएं तो कुदरत उसे घास-फूस से 'भर देती हैं... ! ! ठीक उसी तरह से दिमाग में सकारात्मक विचार न भरे जाएँ तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना ही लेते हैं... !! का दूसरा नियम :- जिसके पास 2- प्रकृति जो होता है...!! वह वही बांटता है....! ! सुख बांटता है... दुःख बांटता है॰ दुःखी सुखी ज्ञानी ज्ञान बांटता है॰. भ्रमित भ्रम बांटता है. भयभीत भय बांटता हैं...... ! ! का तीसरा नियम :- आपको प्रकृति 3-: जीवन से जो कुछ भी मिलें उसे पचाना सीखो क्योंकि भोजन न पचने पर रोग  बढ़ते हैं... ! पैसा न पचने पर दिखावा बढ़ता है... ! बात न पचने पर है... ! प्रशंसा न पचने पर बढ़ती चुगली 11,259 अंहकार बढ़ता है.... ! निंदा न पचने पर है... ! राज़ न पचने पर बढ़ती दुश्मनी खतरा बढ़ता है...! दुःख न पचने पर নিবাথাা है...! और सुख न पचने पर बढ़ती 93 पाप बढ़ता है... ! - ShareChat