ShareChat
click to see wallet page
search
#अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस 🚩 #🚩⚔️गुर्जर प्रतिहार स्मार्ट मिहिर भोज⚔️🚩 #गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान #गुर्जर प्रतिहार राजवंश
गुर्जर प्रतिहार सम्राट नागभट्ट प्रथम - डेपर दिखेगा शौर्य गुर्जर और संस्कृति का संगम सम्राट मिहिर भोज की जयंती पर निकलेगी शोभायात्रा Mohit Chandela@timesofindia com sem/ নুবষননয Iनई दिल्लीः गुर्जर प्रतिहार वंश के सम्राट मिहिर भोज को जयंती इस वर्ष और भी॰ भव्य रूप में मनाई जाएगी। आगामी २६ अगस्त २०२५ को दिल्लो - एनसीआर में इंटरनैशनल गुर्जर डे के मौके पर विशाल शेभायात्रा निकाली কমলা  अखिल   भारतीय जाएगी यह वीर गुर्जर महासभा को बैठक में लिया आयोजन का उद्देश्य गुर्जर प्रतिहार  गया | वंश की गौरवशाली विरासत को नई नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा पीढ़ी   तक पहुंचाना और समाज में २६ अगस्त को एकता और परंपरा का स्रोत है मिहिर भोज संस्कृति   और राष्ट्रभक्ति   का का होगा महामिलन Thr संदेश देना है उन्होने कहा किसम्राट भिहिर समाज को संगठित करने का महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग  भोज का जीवन वीरता राष्ट्र प्रेम आह्वान, युवाओं पर फोकस गुर्जर ने बताया कि इस शोभायात्रा में और सास्कृतिक सरक्षण का प्रतीक ऐँतिहासिक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा " धर्म रक्षक और राष्ट्ररक्षक शासक के है | उनकी गाथा केवल इतिहास अनुराग गुर्जर ने रूप में जाना जाता है सांस्कृतिक   वाहन लोक और नहीः बल्कि भारतीय पहचान क नृत्य सम्राट मिहिर भोज के जीवन से जुड़े बताया कि हाल ही में पद्मश्री पुरस्कृत आधार है । आगामी शोभायात्रा इस महान विरासत को नई पीढ़ी के महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। पुरातत्वविद्   केके  मोहम्मद 7 भी मुरैना स्थित बटेश्वर मंदिर कॉम्प्लेक्स उन्होने कहा कि यह केवल एक उत्सव सामने जीवत करेगी। २६ अगस्त नहीं बल्कि गुर्जर समाज के गौरव का और गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज को जब दिल्ली की सड़कों पर पुनर्जागरण है | उन्होने समाज के युवाओं  के   गैरशाली   इतिहास गुर्जर गौरव का यह महापर्व गूजेगा पर   विस्तार और महिलाओं से अधिकाधिक भागोदारी से विचार रखे। उन्होंने बताया था कि॰ पूरे देश मे जाएगा  तब यह सदेश का आह्वान किया है। गुर्जर प्रतिहार वंश का भारतीय इतिहास कि हमारे पूर्वज केवल इतिहास के बताया कि विक्रमी संवत्   मेँ योगदान असाधारण है। ४वीं से ११वीं उन्होने पन्नों तक सीमित नहीं, बल्कि आज ९७३ (९१६ ईस्वी ) में जन्मे मिहिर भोज शताब्दी तक लगातार ३०० वर्षों तक भी हमारी एकता और आत्मसम्मान ने मात्र २० वर्ष को आयुमें सिंहासन  इस वंश ने अरब आक्रमणकारियों को की नीव है। फ्ै करने से हिचकते है॰ तब हमें सोशल  संभाला और पूरे जीवन काल में भारतीय  रोके रखा था। सम्राट मिहिर भोज भारत के गौरव हैँ। बैठक में समाज उपमहाद्वीप पर अपनी वीरता का परचम मुल्तान से नेताओं ने स्पष्ट कहा कि आजके समय   मोडिया और जन जागरण अभियान के लहराय 3741 साम्राच्य में जब कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थों माध्यम से मिहिर भोज के गौरवशाली बंगाल और कश्मीर से महाराष्ट्र तक फैला के कारण अपने महापुरुषों का सम्मान   इत्तिहास को घर-घर तक पहुंचाना होगा। था। उन्हें   बलवान न्यायप्रिय डेपर दिखेगा शौर्य गुर्जर और संस्कृति का संगम सम्राट मिहिर भोज की जयंती पर निकलेगी शोभायात्रा Mohit Chandela@timesofindia com sem/ নুবষননয Iनई दिल्लीः गुर्जर प्रतिहार वंश के सम्राट मिहिर भोज को जयंती इस वर्ष और भी॰ भव्य रूप में मनाई जाएगी। आगामी २६ अगस्त २०२५ को दिल्लो - एनसीआर में इंटरनैशनल गुर्जर डे के मौके पर विशाल शेभायात्रा निकाली কমলা  अखिल   भारतीय जाएगी यह वीर गुर्जर महासभा को बैठक में लिया आयोजन का उद्देश्य गुर्जर प्रतिहार  गया | वंश की गौरवशाली विरासत को नई नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा पीढ़ी   तक पहुंचाना और समाज में २६ अगस्त को एकता और परंपरा का स्रोत है मिहिर भोज संस्कृति   और राष्ट्रभक्ति   का का होगा महामिलन Thr संदेश देना है उन्होने कहा किसम्राट भिहिर समाज को संगठित करने का महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग  भोज का जीवन वीरता राष्ट्र प्रेम आह्वान, युवाओं पर फोकस गुर्जर ने बताया कि इस शोभायात्रा में और सास्कृतिक सरक्षण का प्रतीक ऐँतिहासिक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा " धर्म रक्षक और राष्ट्ररक्षक शासक के है | उनकी गाथा केवल इतिहास अनुराग गुर्जर ने रूप में जाना जाता है सांस्कृतिक   वाहन लोक और नहीः बल्कि भारतीय पहचान क नृत्य सम्राट मिहिर भोज के जीवन से जुड़े बताया कि हाल ही में पद्मश्री पुरस्कृत आधार है । आगामी शोभायात्रा इस महान विरासत को नई पीढ़ी के महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। पुरातत्वविद्   केके  मोहम्मद 7 भी मुरैना स्थित बटेश्वर मंदिर कॉम्प्लेक्स उन्होने कहा कि यह केवल एक उत्सव सामने जीवत करेगी। २६ अगस्त नहीं बल्कि गुर्जर समाज के गौरव का और गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज को जब दिल्ली की सड़कों पर पुनर्जागरण है | उन्होने समाज के युवाओं  के   गैरशाली   इतिहास गुर्जर गौरव का यह महापर्व गूजेगा पर   विस्तार और महिलाओं से अधिकाधिक भागोदारी से विचार रखे। उन्होंने बताया था कि॰ पूरे देश मे जाएगा  तब यह सदेश का आह्वान किया है। गुर्जर प्रतिहार वंश का भारतीय इतिहास कि हमारे पूर्वज केवल इतिहास के बताया कि विक्रमी संवत्   मेँ योगदान असाधारण है। ४वीं से ११वीं उन्होने पन्नों तक सीमित नहीं, बल्कि आज ९७३ (९१६ ईस्वी ) में जन्मे मिहिर भोज शताब्दी तक लगातार ३०० वर्षों तक भी हमारी एकता और आत्मसम्मान ने मात्र २० वर्ष को आयुमें सिंहासन  इस वंश ने अरब आक्रमणकारियों को की नीव है। फ्ै करने से हिचकते है॰ तब हमें सोशल  संभाला और पूरे जीवन काल में भारतीय  रोके रखा था। सम्राट मिहिर भोज भारत के गौरव हैँ। बैठक में समाज उपमहाद्वीप पर अपनी वीरता का परचम मुल्तान से नेताओं ने स्पष्ट कहा कि आजके समय   मोडिया और जन जागरण अभियान के लहराय 3741 साम्राच्य में जब कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थों माध्यम से मिहिर भोज के गौरवशाली बंगाल और कश्मीर से महाराष्ट्र तक फैला के कारण अपने महापुरुषों का सम्मान   इत्तिहास को घर-घर तक पहुंचाना होगा। था। उन्हें   बलवान न्यायप्रिय - ShareChat