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आज से करीब 4,000 साल पहले, चीन के उत्तर–पश्चिम में एक भयानक भूकंप आया…इतना तेज़ कि ज़मीन चटक गई, घर हवा में बिखर गए, और कुछ ही पलों बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे गाँव को कीचड़ और मलबे के नीचे दफना दिया।उस तबाही के बीच… एक ऐसी तस्वीर हमेशा के लिए इतिहास में जम गई— एक वयस्क अपने छोटे बच्चे को सीने से कसकर लगाए बैठा था, मानो आख़िरी पल में भी कह रहा हो: “डर मत… मैं हूँ ना।” आज यह जगह लाजिया रuins के नाम से जानी जाती है। 4,000 साल बाद जब पुरातत्वविदों ने मिट्टी हटाई, तो उन्हें सिर्फ कंकाल नहीं मिले— उन्हें मिला इंसानियत का सबसे गहरा रूप: मौत सामने खड़ी थी, लेकिन माता–पिता का प्यार उससे भी ऊँचा खड़ा था। Museum में यह दृश्य आज भी उसी तरह रखा है… लोग देखते हैं और समझते हैं कि सभ्यताएँ भले खत्म हो जाएँ, लेकिन माँ-बाप का प्यार समय की हर सीमा पार कर जाता है। #इतिहास #4000सालपहले #चीन #भूकंप #बाढ़ #लाजियारून्स #पुरातत्व #मानवता #EmotionalStory #Breakingnews #👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑 #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻 #💐 آداب 👐 #🥘پسندیدہ ڈش
Breakingnews - गौर से देखो २ कंकाल मिले हैं, जिनमें एक 4,000 সাল पुराने माँ अपने बच्चे को बाहों में ढाल बनाकर भयानक और बाढ़ से बचाने की कोशिश करती हुई எக்பு पाई गई, ये खोज आज भी माँ के प्यार की ताकत का सबसे गहरा प्रमाण मानी जाती है गौर से देखो २ कंकाल मिले हैं, जिनमें एक 4,000 সাল पुराने माँ अपने बच्चे को बाहों में ढाल बनाकर भयानक और बाढ़ से बचाने की कोशिश करती हुई எக்பு पाई गई, ये खोज आज भी माँ के प्यार की ताकत का सबसे गहरा प्रमाण मानी जाती है - ShareChat