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यशायाह 22:11-14 HINOVBSI [11] तू ने दोनों दीवारों के बीच पुराने पोखरे के जल के लिये एक कुण्ड खोदा। परन्तु तू ने उसके कर्ता को स्मरण नहीं किया, जिसने प्राचीनकाल से उसको ठहरा रखा था, और न उसकी ओर तू ने दृष्‍टि की। [12] उस समय सेनाओं के प्रभु यहोवा ने रोने–पीटने, सिर मुड़ाने और टाट पहिनने के लिये कहा था; [13] परन्तु क्या देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय–बैल का घात और भेड़–बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है, और कहते हैं, “आओ खाएँ–पीएँ, क्योंकि कल तो हमें मरना है।” [14] सेनाओं के यहोवा ने मेरे कान में कहा और अपने मन की बात प्रगट की, “निश्‍चय तुम लोगों के इस अधर्म का कुछ भी प्रायश्‍चित तुम्हारी मृत्यु तक न हो सकेगा,” सेनाओं के प्रभु यहोवा का यही कहना है। https://bible.com/bible/1683/isa.22.11-14.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🌸 सत्य वचन #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔
पवित्र बाइबल - 4?/416 22:11-14 जीवन जल २५३३७ तू ने दोनों दीवारों के बीच पुराने पोखरे के जल के এহল্তু নু ন ওমক ক্রন ক্ষী लिये एक कुण्ड खोदा। स्मरण नहीं किया, जिसने प्राचीनकाल से उसको ठहरा रखा था, और न उसकी ओर तू ने दृष्टि की। उस समय सेनाओं के प्रभु यहोवा ने रोने ्पीटने, सिर और टाट पहिनने के लिये कहा थाः परन्तु क्या मुड़ाने देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय-्बैल का घात और भेड़ ्बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है, और कहते हैं, "आओ खाएँ पीएँ क्योंकि कल तो हमें मरना है।" सेनाओं के यहोवा ने मेरे कान में कहा और अपने मन की बात प्रगट की, "निश्चय तुम लोगों के इस अधर्म का कुछ भी प्रायश्चित तुम्हारी मृत्यु तक न हो सकेगा, " सेनाओं के प्रभु यहोवा का यही कहना है। 4?/416 22:11-14 जीवन जल २५३३७ तू ने दोनों दीवारों के बीच पुराने पोखरे के जल के এহল্তু নু ন ওমক ক্রন ক্ষী लिये एक कुण्ड खोदा। स्मरण नहीं किया, जिसने प्राचीनकाल से उसको ठहरा रखा था, और न उसकी ओर तू ने दृष्टि की। उस समय सेनाओं के प्रभु यहोवा ने रोने ्पीटने, सिर और टाट पहिनने के लिये कहा थाः परन्तु क्या मुड़ाने देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय-्बैल का घात और भेड़ ्बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है, और कहते हैं, "आओ खाएँ पीएँ क्योंकि कल तो हमें मरना है।" सेनाओं के यहोवा ने मेरे कान में कहा और अपने मन की बात प्रगट की, "निश्चय तुम लोगों के इस अधर्म का कुछ भी प्रायश्चित तुम्हारी मृत्यु तक न हो सकेगा, " सेनाओं के प्रभु यहोवा का यही कहना है। - ShareChat