परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी काशी में जब आए थे तो आम जनता की तरह जीवन व्यतीत करते थे।
शेख तकी ने ईर्ष्या वश कबीर साहेब जी की ओर से झूठी चिट्ठी सबके पास भिजवा दी। जिसमें 18 लाख साधु- संत लंगर खाने पहुंच गए, परमात्मा ने अपनी समर्थता दिखाते हुए, सतलोक पहुंचे और केशव नाम के बंजारे(व्यापारी-सौदागर) का रुप बनाया। वहीं से सभी प्रकार के पकवान लाए गए। नौ लाख बैलों में व एक लाख सेवादार भी वहीं से आए। फिर काशी में अद्भुत भंडारा चला।
#सन1513_का_दिव्य_काशीभंडारा
3Days Left Divya Dharma Yagya #सन1513_का_दिव्य_काशीभंडारा


